YouTube पर हर दिन लाखों वीडियो डाले जाते हैं. गाने, फिल्म, व्लॉग और खबरें. लेकिन हाल ही में एक वीडियो ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया. इस वीडियो की लंबाई स्क्रीन पर लगभग 140 साल दिखाई देती है. यानी अगर कोई इसे पूरा देखना चाहे तो पूरी उम्र भी कम पड़ जाए. यही एक लाइन इसे वायरल बनाने के लिए काफी थी.
जैसे ही लोगों ने इस वीडियो का स्क्रीनशॉट देखा. उन्होंने इसे खोलना शुरू किया. शेयर किया. कमेंट लिखे. सवाल पूछे. आखिर यह वीडियो है क्या. किसने बनाया. और इतना लंबा क्यों.
जब लोग इसे चलाते हैं तो कोई कहानी नहीं मिलती. कोई साफ दृश्य नहीं. कोई गाना नहीं. स्क्रीन पर बस हल्का सा बदलता हुआ फ्रेम दिखता है. आवाज भी साफ नहीं है. ऊपर दिया गया कैप्शन भी साफ मतलब नहीं बताता. न कोई इंट्रो. न कोई मैसेज. यह खालीपन ही इस वीडियो को और रहस्यमय बना देता है.
बिलियन घंटे का वीडियो शेड्यूल्ड
इस YouTube चैनल से एक billionhours नाम का वीडियो शेड्यूल किया गया है. हालांकि पिछले वीडियो की तरह इसमें कोई कंटेंट नहीं है. लेकिन लाइव से पहले ही हजारों लोग इसका इंतजार कर रहे हैं और अब तक 2 हजार से ज्यादा कमेंट्स भी आ चुके हैं.
यह वीडियो जिस चैनल से आया है उसका नाम shinywr है. चैनल की प्रोफाइल में जगह उत्तर नॉर्थ कोरिया देती है. यह बात लोगों को और हैरान करती है. क्योंकि नॉर्थ कोरिया आम तौर पर खुला इंटरनेट इस्तेमाल नहीं करता. फिर भी ऐसा चैनल कैसे चल रहा है. यह सवाल भी चर्चा का हिस्सा बन गया है.
अजीबोगरीब वीडियो, कोई कंटेंट नहीं, फुल क्रिप्टिक...
जब लोगों ने चैनल को ध्यान से देखा. तो पता चला कि यह पहला ऐसा वीडियो नहीं है. इस चैनल पर पहले भी बहुत लंबे वीडियो डाले गए हैं. कुछ सैकड़ों घंटे लंबे. यानी यह कोई गलती से हुआ अपलोड नहीं लगता. बल्कि यह जानबूझकर अपनाया गया तरीका दिखता है.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि वीडियो असल में 140 साल लंबा नहीं है. जब कोई इसे पूरा चलाता है तो यह कुछ घंटों में खत्म हो जाता है. लेकिन स्क्रीन पर जो समय दिखता है वह 140 साल जैसा बना रहता है. यही बात लोगों को उलझा रही है. क्या यह तकनीकी गड़बड़ी है. या किसी ने यूट्यूब सिस्टम को भ्रमित करने के लिए ऐसा बनाया है.
क्या ये थंबनेल का खेल है?
वीडियो 12 घंटे ही लंबा है, लेकिन थंबनेल को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि उसमें टाइम स्टैंप दिखे. लोगों को लग रहा है कि वीडियो इतना लंबा है और इस मिस्ट्री की वजह से लोग इसके बारे में बातें कर रहे हैं. ओरिजिन में नॉर्थ कोरिया दिख रहा है, मुमकिन है ये जानबूझ कर किया गया हो ताकि लोगों के अंदर क्यूरियोसिटी जागे और ये ज्यादा से ज्यादा वायरल हो सके.
कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह YouTube के अंदर के सिस्टम को परखने का तरीका हो सकता है. जैसे कि सिस्टम इतने लंबे वीडियो को कैसे गिनता है. कैसे दिखाता है. कैसे सुझाव में लाता है. यह एक तरह का एक्सपीरिमेंट भी हो सकता है. जहां देखने से ज्यादा जरूरी यह है कि सिस्टम कैसे व्यवहार करता है. लेकिन इस तरह का एक्सपेरिएंट YouTube पबल्किली क्यों करेगा ये भी एक बड़ा सवाल है. इसकी उम्मीद कम ही लगती है.
मिस्ट्री Video या कुछ और?
कुछ लोग इसे डिजिटल कला का नया रूप मान रहे हैं. उनका कहना है कि आज के समय में ध्यान सबसे कीमती चीज है. अगर कोई ऐसा वीडियो बना दे जो किसी को समझ न आए. तो लोग अपने आप उसे देखने लगते हैं. उस पर चर्चा करते हैं. अर्थ खोजते हैं. यही इस वीडियो के साथ हो रहा है.
कुछ लोगों का मानना है कि यह बस ध्यान खींचने का खेल है. आज इंटरनेट पर वही चीज तेजी से फैलती है जो अजीब हो. जो सामान्य न हो. जो सवाल पैदा करे. यह वीडियो उसी सोच का हिस्सा हो सकता है.
सोशल मीडिया पर ट्रेंड
सोशल मीडिया पर इसके बारे में सैकड़ों चर्चाएं चल रही हैं. कोई कहता है इसमें कोई छुपा संदेश है. कोई कहता है यह कोई खेल है. कोई कहता है यह बस मजाक है. लेकिन सच यह है कि किसी के पास पक्का जवाब नहीं है. और यही बात इसे और बड़ा बना रही है.
अब सवाल यूट्यूब के लिए भी खड़ा हो गया है. क्या ऐसे वीडियो प्लेटफॉर्म पर बने रहेंगे. क्या यह उपयोगकर्ताओं के अनुभव को बिगाड़ते हैं. या यह नए तरह के प्रयोग का हिस्सा माने जाएंगे. अगर यह स्वीकार हो गया. तो आगे और भी अजीब और असंभव वीडियो आ सकते हैं.
इस पूरी कहानी में असली बात सिर्फ एक वीडियो नहीं है. असली बात यह है कि आज हम किस तरह का कंटेंट देखते हैं. हम उस चीज की तरफ खिंचते हैं जो समझ नहीं आती. जो सवाल पैदा करती है. जो रहस्य जैसी लगती है.
140 साल लंबा यह वीडियो शायद कभी किसी के लिए पूरा देखने का विषय नहीं बनेगा. लेकिन यह इंटरनेट के एक नए दौर की झलक जरूर दिखाता है. जहां ध्यान सबसे बड़ी पूंजी है. और जो चीज जितनी अजीब. उतनी तेजी से फैलती है.
मुन्ज़िर अहमद