इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का क्रेज क्रिकेट फैन्स में सिर चढ़कर बोल रहा है. साइबर ठग इस दौरान फ्री टिकट, रजिस्ट्रेशन और रिवॉर्ड के नाम पर भोले-भाले लोगों को शिकार बनाते हैं.
इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के तहत काम करने वाले साइबर दोस्त I4C ने एक पोस्ट किया है. पोस्ट में बताया है कि IPL की एक्साइटमेंट में बुरे फंस सकते हैं.
साइबर ठग IPL के दौरान फेक ऐप्स और फेक वेब पोर्टल एक्टिव हो चुके हैं. ये भोले -भाले लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार किए गए हैं.
साइबर दोस्त I4C का पोस्ट
फ्री टिकट का झांसा
ये फेक ऐप्स और पोर्टल फ्रि मैच टिकट, रिवॉर्ड्स, मुफ्त लाइव स्ट्रीमिंग जैसे फर्जी दावे करते हैं. इसके बाद वे यूजर्स से पर्सनल डिटेल्स आदि मांगते हैं.
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें कंप्लेंट
साइबर दोस्त ने पोस्ट करके बताया है कि अगर आप साइबर ठगी के शिकार हो जाते हैं. इसके बाद तुरंत नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर या 1930 नंबर पर कॉल करके शिकायत करें.
कई लोग फेक ऐप्स कर लेते हैं इंस्टॉल
IPL लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान बहुत से लोग थर्ड पार्टी ऐप्स आदि को इंस्टॉल कर लेते हैं. इसके बाद जब वे पर्सनल डिटेल्स आदि मांगते हैं तो वह तुरंत दे देते हैं.
फर्जी ऐप्स से दूर रहना चाहिए
सावधानी के लिए जरूरी है कि फर्जी ऐप्स से दूर रहना चाहिए. किसी भी अनऑथराइज्ड ऐप्स पर डिटेल्स एंटर करने से बचना चाहिए. मूवी या क्रिकेट आदि को देखने के लिए ऑफिशियल पार्टनर ऐप का सहारा लें.
फर्जी ऐप्स कैसे पहचानें?
फर्जी ऐप्स को पहचानना आसान होता है. यहां ऐप का नाम, डेवलपर कका नाम, लोगो और उसके रिव्यू आदि को चेक कर लें. इसमें यूजर्स को डाउनलोड संख्या भी मदद करेगी. कई बार एक जैसे कमेंट से भी फर्जी ऐप्स का पता चल जाता है.
रोहित कुमार