इंडिया टुडे AI समिट 2026 की शुरुआत हो चुकी है. इस कार्यक्रम में कई सेशन हो रहे हैं, जिसमें इंडस्ट्री के दिग्गज AI के तमाम पहलुओं पर चर्चा कर रहे हैं. Can India Win in the AI Race? पर चर्चा करते हुए वियानाई सिस्टम्स के संस्थापक और CEO विशाल सिक्का ने कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं.
उन्होंने बताया, 'एक ओर AI की मदद से एक व्यक्ति का बहुत प्रोडक्टिव होना संभव है. एक शख्स पहले के मुकाबले 20 गुना ज्यादा तेजी से काम कर सकता है. इसके लिए उसे AI को यूज करना आना चाहिए.'
'उदाहरण मेरे एक साथी का है, जिसने 14 दिनों में एक सिस्टम को रिबिल्ट किया है. इसे 9 महीनों में 15 इंजीनियर की टीम ने तैयार किया था. यानी एक व्यक्ति सिर्फ 14 दिनों में उस काम को कर पा रहा है, जो 15 लोगों को टीम ने 9 महीने में किया था.'
हालांकि, उन्होंने AGI की उस धारणा का खंडन किया है, जिसमें कहा जाता है कि AI इंसानों की तरह सोचने और काम करने लगेगा. यानी उन्होंने इस पूरे आइडिया को बेतुका बताया है. विशाल सिक्का Infosys के प्रमुख थे, जब कंपनी ने 11 साल पहले OpenAI में निवेश किया था.
विशाल सिक्का ने बताया, 'AI दोनों काम कर रहा है. एक ओर वह नौकरियों को कम कर रहा है और दूसरी तरफ नौकरियों को जनरेट भी कर रहा है. ये एक तेजी से हो रहा बदलाव है. बहुत से ऐसे व्यक्ति भी है जो AI के इस्तेमाल को जरूरी नहीं मानते हैं. आप चाहें तो बिलकुल कुछ नया कर सकते हैं.'
'मेरे एक जानने वाले हैं, जिन्होंने बताया कि उनके एक पर्टनर ने अचानक से प्रोडक्ट बनाना बंद कर दिया. उन्होंने एक एनालिसिस के बाद तुरंत फैसला किया कि उन्हें ये काम बंद कर देना चाहिए. क्योंकि उन्हें AI ने ऐसा करने में मदद करेगा.'
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'पहले इस काम को करने के लिए एक बड़ी टीम को हायर करना होता, जो महीनों के काम के बाद शायद आपको ये सलाह देती. यानी आप वक्त और पैसा दोनों ही खर्च करते. जो अब सिर्फ 10 मिनट में हो सकता है.'
'अगर आप AI को बॉस मोड में काम करने के लिए कहेंगे, तो वो काम करेगा. अगर आप सभी चीजों को ध्यान में रखकर काम करेंगे, तो ये आपको पावरफुल बनाएगा, लेकिन अगर आप इसकी बाते मानते जाएंगे, तो शायद आप फंस सकते हैं. ये एक टूल है, जिसे इस्तेमाल करना आपको आना चाहिए.'
'रेगुलेशन का आइडिया कुछ ऐसा है कि हमें पता है इस जगह पर हम बैठे हैं और हमें पता है कि छत गिरेगी नहीं. बाल कटाने जाते हुए हमें पता होता है कि हमें कोई नुकसान नहीं होगा. क्योंकि ये सब रेगुलेटेड है. भारत सरकार AI रेगुलेशन पर काम कर रही, जो अच्छा है.'
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'AI को लेकर पहले ही हाइप साइकिल रही है. पहले भी कई बार इस तरह की चर्चा हुई हैं. अगर आप आज मैथ्स को देखेंगे, तो कई गैप्स नजर आएंगे. उदाहरण के लिए Nvidia को देखेंगे, तो पाएंगे उन्होंने एक रियल प्रोडक्ट बनाया, उन्होंने अरबों डॉलर खर्च किए.'
'उन्होंने एक GPU बनाया उसे ऊपर क्लाउड कंपनियों ने एक प्लेटफॉर्म तैयार किया. इन पर जितना खर्च हो रहा है, उसे अरबों डॉलर की कमाई होनी चाहिए. वो कहां हो रही है. AI पर जितना निवेश हो रहा है क्या उतना रिटर्न आ रहा है. हमें इसे देखना चाहिए.'
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