25 करोड़ से ज्यादा रिस्की ऐप इंस्टॉलेशन को Google ने कैसे रोका, AI ने की मदद

Google ने एंड्रॉयड इकोसिस्टम को सिक्योर करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं. कंपनी ने साल 2025 में 25.5 करोड़ रिस्की ऐप इंस्टॉलेशन को रोका है. इसके अलावा 17.5 लाख ऐप्स को गूगल प्ले पर पब्लिश होने से पहले ही ब्लॉक कर दिया गया, क्योंकि ये ऐप्स कंपनी की पॉलिसी का उल्लंघन कर रहे थे. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.

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Google ने पिछले साल लाखों फर्जी ऐप्स को बैन किया है. (Photo: Reuters) Google ने पिछले साल लाखों फर्जी ऐप्स को बैन किया है. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:37 AM IST

गूगल ने गुरुवार को 2025 में एंड्रॉयड इकोसिस्टम को सिक्योर रखने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी है. अपने ऐनुअल सिक्योरिटी अपडेट में कंपनी ने बताया कि कैसे गूगल प्ले को सुरक्षित बनाने के लिए लाखों ऐप्स को ब्लॉक किया गया है. कंपनी ने लाखों ऐसे ऐप्स को ब्लॉक किया है जो मालवेयर फैला सकते थे. 

इतना ही नहीं ये ऐप्स फाइनेंशियल फ्रॉड्स, छिपे हुए सब्सक्रिप्शन और प्राइवेसी में दखल के जरिए यूजर्स को नुकसान पहुंचा सकते थे. इससे पहले किसी यूजर को कोई नुकसान हो गूगल ने इन्हें अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है. कंपनी ने बताया है कि उन्होंने AI टूल की मदद से ऐसे ऐप्स को पहचाना है. 

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17.5 लाख ऐप्स को किया ब्लॉक

गूगल ने बताया कि 2025 में 17.5 लाख ऐप्स को Google Play पर पब्लिश होने से पहले ही ब्लॉक कर दिया गया है, क्योंकि उन्होंने कंपनी की पॉलिसी का उल्लंघन किया था. कंपनी ने इसकी जानकारी 19 फरवरी को रिलीज हुए ब्लॉक में दी है. साथ ही कंपनी ने 80 हजार डेवलपर्स को भी बैन किया है, जो ऐसी एक्टिविटी से जुड़े हुए थे. 

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दिग्गज टेक कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उन्होंने 2,55,000 ऐप्स को यूजर के सेंसिटिव और गैरजरूरी डेटा तक पहुंचने से रोका है. गूगल ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को मजबूत किया है और प्राइवेसी फॉर्वर्ड डेवलपमेंट को प्रमोट करने की बात कही है. 

AI कैसे कर रहा है गूगल की मदद?

ऐप डिस्कवरी में लोगों के भरोसे को बनाए रखने के लिए गूगल ने एंटी-स्पैम सिस्टम को बेहतर किया है. इसकी वजह से 16 लाख स्पैम रेटिंग और रिव्यूज को ब्लॉक किया गया है. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड रिव्यूज भी शामिल हैं. इसके अलावा रिव्यू बॉम्बिंग कैपेन की वजह से ऐप्स को होने वाले नुकसान को भी कम किया गया है. 

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कंपनी का कहना है कि इससे यूजर्स और डेवलपर्स दोनों को फायदा हुआ है. कंपनी ने बताया है कि उसका जेनरेटिव AI पावर्ड रिव्यू सिस्टम किसी ऐप को कैसे एनालाइज करता है. ये सिस्टम किसी ऐप की अर्ली लाइफ साइकिल डेवपलमेंट को एनालाइज करने, मैलवेयर, स्पाईवेयर और फाइनेशियल स्कैम को डिटेक्ट करने में मदद करता है.

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