दुनिया भर में इस समय डर और अनिश्चितता का माहौल बढ़ता दिख रहा है. एक तरफ हंतावायरस और इबोला जैसे वायरस को लेकर खबरें आ रही हैं, दूसरी तरफ ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है.
तेल की कीमतें ऊपर जा रही हैं, ग्लोबल बाजार दबाव में हैं और इंटरनेट केबल तक को लेकर चिंता बढ़ चुकी है. हाल ही में पीएम मोदी ने वर्क फ्रॉम होम कल्चर को बढ़ावा देने की बात कही. पीएम ने ये भी कहा कि वर्क फ्रॉम होम के साथ लोगों को तेल बचाने को लेकर भी सोचना होगा. लगातार पेट्रोल-़डीजल के दाम भी बढ़ रहे हैं.
लॉकडाउन नोटिस पीडीएफ और फेक ऑर्डर वायरल
पीएम मोदी की स्पीच के बाद से सोशल मीडिया और WhatsApp पर Lockdown Notice नाम से कई मैसेज वायरल होने लगे. कहीं लॉकडाउन नाम का पीडीएफ शेयर किया जा रहा है तो कहीं एडवाइजरी. लेकिन इसमें कितनी सच्चाई है? क्या सच में देश में लॉकडाउन जैसे हालात बन रहे हैं?
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अब इसी डर का फायदा साइबर ठग उठा रहे हैं. साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक वॉट्सऐप, टेलीग्राम और दूसरे मैसेजिंग ऐप्स पर WAR LOCKDOWN NOTICE.pdf या Emergency Lockdown Order जैसे नाम से फाइल भेजी जा रही हैं.
देखने में ये बिल्कुल सरकारी नोटिस जैसी लगती हैं. इनमें अशोक चिन्ह, सरकारी भाषा और फर्जी आदेश तक डाले जा रहे हैं ताकि लोग इसे असली समझ लें.
गौरतलब है कि ऐसे मामलों में ऐसे PDF या लिंक के अंदर खतरनाक फाइल, फिशिंग लिंक या मैलवेयर छिपा हो सकता है. जैसे ही यूजर उस फाइल को डाउनलोड करता है या अंदर दिए लिंक पर क्लिक करता है, उसका फोन हैक होने का खतरा बढ़ सकता है.
कई बार यूजर को नकली वेबसाइट पर भेज दिया जाता है, जहां उससे बैंक डिटेल, OTP या दूसरी निजी जानकारी मांगी जाती है. साइबर ठगी का तरीका अब पहले से ज्यादा स्मार्ट हो चुका है.
हैकिंग और स्कैम का तरीका बदल रहा है
पहले सिर्फ फेक SMS आते थे, लेकिन अब स्कैमर्स लोगों के डर और भावनाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं. कोविड लॉकडाउन की यादें अभी भी लोगों के दिमाग में ताजा हैं. ऐसे में फिर से लॉकडाउन लगने वाला है जैसे मैसेज तेजी से वायरल हो जाते हैं.
साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि PDF फाइल हमेशा खतरनाक नहीं होती, लेकिन कई बार उसके अंदर लिंक, स्क्रिप्ट या दूसरी फाइल छिपाई जा सकती है. अगर फोन पुराना है, सिक्योरिटी अपडेट नहीं है या यूजर किसी फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाता है, तो खतरा बढ़ जाता है.
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कुछ मामलों में फोन का डेटा चोरी हो सकता है, वॉट्सऐप अकाउंट हैक हो सकता है या बैंक खाते तक खाली हो सकते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि स्कैमर्स अब सरकारी नाम और डर वाले माहौल का इस्तेमाल कर रहे हैं. कभी फेक पुलिस नोटिस, कभी डिजिटल अरेस्ट और अब फेक लॉकडाउन नोटिस. कई मामलों में लोगों को वीडियो कॉल पर डराकर पैसे तक ट्रांसफर करवाए गए हैं.
अगर आपके पास भी कोई Lockdown Notice PDF आता है, तो बिना जांचे उसे डाउनलोड या फॉरवर्ड नहीं करना चाहिए. किसी भी सरकारी आदेश की पुष्टि हमेशा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या भरोसेमंद न्यूज प्लेटफॉर्म से करनी चाहिए.
आज के समय में वायरस और जंग से जितना खतरा है, उतना ही बड़ा खतरा डिजिटल दुनिया में फैल रहे डर और फर्जी मैसेज से भी बन चुका है. क्योंकि अब ठगी सिर्फ फोन कॉल से नहीं, बल्कि डर फैलाकर भी की जा रही है
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क