साल 2025 के दौरान भारत के लगभग हर एक शहर से साइबर ठगी के केस सामने आ चुके हैं. अधिकतर मामलों में साइबर स्कैमर्स ने कॉमन तरीकों का इस्तेमाल किया है और लोगों के बैंक खाते खाली कर दिए हैं.
अब साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है और साइबर ठगों से बचाव के लिए कुछ जरूरी टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं. इन टिप्स की मदद से यूजर्स अपनी मेहनत की कमाई को बचा सकते हैं.
सबसे पहले साइबर ठगी के कॉमन तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके जाल में बहुत से भोले-भाले लोग फंस जाते हैं. इसमें कई लोगों को डिजिटल अरेस्ट भी कर लिया जाता है.
Fake Investment Scam
फेक इनवेस्टमेंट के ढेरों केस सामने आए हैं, जिसमें विक्टिम को शुरुआत में WhatsApp या टेलीग्राम ग्रुप में शामिल कर लिया जाता है. इसके बाद उसके सामने हाई प्रोफिट और फेक इनवेस्टमेंट सजेशन दिया जाता है. इस स्कैम्स में कई लोगों को शुरुआत में छोटी-मोटी रकम रिटर्न भी कर दी जाती है. इसके बाद विक्टिम से मोटी रकम उड़ा लेते हैं.
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पार्सल स्कैम से भी सावधान
पार्सल स्कैम या कुरियर स्कैम के तहत सबसे पहले विक्टिम के पास एक कॉल आता है. इसके बाद विक्टिम को बताया है कि उनके नाम से एक पार्सल है, जिसमें कुछ गैर कानूनी कागज, ड्रग्स, पासपोर्ट आदि बताकर डराया जाता है.
इससे बाद कहा जाता है कि पुलिस ने उस पार्सल को जब्त कर लिया जाता है. फिर विक्टिम को एक अनजान नंबर से कॉल आता है. इसके बाद विक्टिम को बताया जाता है उनके खिलाफ केस दर्ज हो चुका है. विक्टिम को डराया, धमकाया जाता है और फिर बैंक खाता खाली कर दिया जाता है.
वर्क फ्रॉम होम जॉब स्कैम
साइबर स्कैमर्स कई बार वर्क फ्रॉम होम जॉब का झांसा देकर बैंक खाता खाली कर देते हैं. इसमें वह शुरुआत में एक सिंपल सा टास्क बताते हैं और फिर कुछ रुपये बैंक खाते में भी ट्रांसफर कर देते हैं. इसके बाद वे हाई रिटर्न का लालच देकर वे बैंक खाते में सेंधमारी करते हैं.
डिजिटल अरेस्ट
साल 2025 के दौरान डिजिटल अरेस्ट के बहुत से लोग शिकार हुए. यहां तक की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक ने मन की बात में इससे बचाव के तरीके बारे में बताया था. डिजिटल अरेस्ट के दौरान एक शख्स खुद को पुलिस वाला बताता है और जांच के नाम पर विक्टिम को एक कमरे में अकेले रहने की सलाह देते हैं और बैंक खाता खाली कर देते हैं.
वॉयस क्लोनिंग स्कैम
साल 2025 में वॉयस क्लोनिंग स्कैम भी चर्चा में रहा है, जहां दिल्ली के एक शख्स के बेटे की आवाज का यूज किया गया. इसके बाद साइबर ठगों ने बताया कि तुम्हारे बेटे को किडनैप कर लिया है और फिरोती की रकम बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहा है, जो एक साइबर ठगी का तरीका था. इसका खुलासा तब हुआ जब विक्टिम का बेटा घर वापस लौट आया और उसने बताया कि वह किडनैप नहीं हुआ था.
साइबर ठगों से बचाव के लिए जरूरी है कि किसी भी अनजान नंबर्स से आने वाले कॉल और मैसेज पर आंख बंद करके यकीन नहीं करना चाहिए. साइबर स्कैमर्स फर्जी वादे और आरोप लगाकर ठगी करते हैं.
अनजान नंबर से आने वाले कॉल्स पर भूलकर भी OTP आदि को शेयर ना करें. साथ ही अनजान नंबर से आने वाले मैसेज में अगर कोई लिंक है तो उस पर भूलकर भी क्लिक ना करें. ऐसा करना खतरनाक साबित होगा.
रोहित कुमार