साइबर ठगी का नया केस
साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां विक्टिम दोस्त की मदद करने के चक्कर में 7 करोड़ रुपये साइबर ठगी के कानूनी पेंच में फंस गया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. (Photo: Unsplash)
ऑनलाइन दोस्ती ने पहुंचाया नुकसान
पुलिस कंप्लेंट के मुताबिक, विक्टिम एक जाने-माने इंजीनियर कॉलेज से पढ़ाई कर रहे हैं. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उनकी दोस्ती एक शख्स से होती है, जिसने खुद का नाम आयुष बताया. (Photo: Unsplash)
स्टूडेंट को ऐसे दिया झांसा
आयुष ने स्टूडेंट को एक दिन बताया कि उसका बैंक अकाउंट लो बैंलेंस की वजह से ब्लॉक हो गया है. फिर उसने इंजीनियरिंग स्टूडेंट से मदद मांगी और कुछ दिन के लिए बैंक खाता एक्सेस करने की परमिशन मांगी. (Photo: Unsplash)
बैंक डिटेल्स, ATM और सिम कार्ड सौंपी
इंजीनियरिंग स्टूडेंट ने आरोपी आयुष की बातों पर यकीन कर लिया. फिर कर्नाटक ग्रामीण बैंक में मौजूद खाता, ATM और बैंक अकाउंट से लिंक SIM कार्ड आदि को शख्स के सौंप दिया. ये सारी डिटेल्स उसने पार्सल के जरिए पोस्ट की. (Photo: Unsplash.com)
मैसेज करके कंफर्म भी किया
पार्सल मिलने के बाद आयुष ने मैसेज करके कंफर्म भी किया. कुछ महीनों के बाद बैंक ने स्टूडेंट को कॉल किया और संदिग्ध ट्रांजैक्शन के बारे में बताया. (Photo: Getty Image)
7 करोड़ रुपये की ट्रांजैक्शन हुई
बैंक ने बताया है कि उनके बैंक अकाउंट में साइबर ठगी से संबंधित अमाउंट की ट्रांजैक्शन हो रही है. पुलिस ने बताया कि करीब 7 करोड़ रुपये की ट्रांजैक्शन हुई है. इसके बाद स्टूडेंट ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और बैंक खाते को ब्लॉक कराया और पुलिस कंप्लेंट दर्ज कराई. (Photo: Getty Image)
अपने बैंक अकाउंट को सैसे रखें सुरक्षित
अपने बैंक अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है कि किसी के साथ भी बैंक डिटेल्स आदि को शेयर ना करें. किसी को भी बैंक खाते से लिंक सिम, ATM और ऑनलाइन बैंकिंग की डिटेल्स किसी भी अन्य शख्स को ना दें. (Photo: AI Generated)