दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु से लेकर दुबई और लंदन तक एक घड़ी को लेकर ऐसा माहौल देखने को मिला, जैसा आमतौर पर iPhone की बिक्री स्टार्ट होने के दिन होता है. यहां तक की इस दौरान पुलिस को आंसू गैस तक छोड़नी पड़ी. कई जगहों पर घड़ी खरीदने के लिए मारपीट की नौबत तक आ गई.
लोग रातभर लाइन में खड़े रहे, कई जगह बैरिकेड टूट गए, धक्का-मुक्की हुई और हालात इतने बिगड़ गए कि कुछ स्टोर्स को लॉन्च इवेंट तक कैंसिल करना पड़ा. सबसे हैरानी वाली बात यह है कि यह सब किसी लाखों रुपये की घड़ी के लिए नहीं, बल्कि करीब 40 से 45 हजार रुपये की घड़ी के लिए हुआ.
दरअसल, स्विस लग्जरी ब्रांड ऑडेमार्स पिगे और स्वॉच ने मिलकर एक खास कलेक्शन लॉन्च किया है. यह कलेक्शन उनके मशहूर डिजाइन से जुड़ा हुआ है, जिसे आमतौर पर बहुत महंगा माना जाता है.
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लेकिन इस बार उसी डिजाइन को एक ऐसे दाम में लाया गया, जो पहले से काफी कम है. यही वजह है कि लोगों में इसे खरीदने की होड़ मच गई. कहानी यहीं खत्म नहीं होती.
कंपनी ने इस घड़ी को सिर्फ कुछ चुनिंदा स्टोर्स पर ही बेचने का फैसला किया. ऑनलाइन बिक्री नहीं रखी गई और हर स्टोर में बहुत कम पीस रखे गए. यानी जिसे पहले मिलेगा, वही खरीद पाएगा. इस रणनीति ने पूरी स्थिति को और ज्यादा गर्म कर दिया.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिखा कि लोग स्टोर्स के बाहर धक्का दे रहे हैं, चिल्ला रहे हैं और अंदर घुसने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ जगहों पर पुलिस को भी बुलाना पड़ा. दुबई में सुरक्षा कारणों से लॉन्च को कैंसिल करना पड़ा, जबकि भारत के कई शहरों में भी हालात संभालना मुश्किल हो गया.
इस घड़ी में ऐसा क्या खास है?
असल में यह सिर्फ एक घड़ी नहीं है, बल्कि एक ब्रांड का नाम है. ऑडेमार्स पिगे दुनिया के सबसे महंगे और लग्जरी वॉच ब्रांड्स में गिना जाता है. इसकी घड़ियां आम लोगों की पहुंच से बाहर होती हैं. लेकिन जब उसी ब्रांड का नाम एक सस्ती घड़ी के साथ जुड़ता है, तो लोगों को लगता है कि अब वे भी उस लग्जरी दुनिया का हिस्सा बन सकते हैं.
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यही वजह है कि यह घड़ी एक स्टेटस सिंबल बन गई. लोग सिर्फ पहनने के लिए नहीं, बल्कि दिखाने और सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए भी इसे खरीदना चाहते हैं.
भारत ही नहीं, अमेरिका और ब्रिटेन मे भी मची होड़़
फ्रांस में तो इस घड़ी को खरीदने इतने सारे लोग पहुंचे की भीड़ कंट्रोल करने के लिए टियर गैस के गोले छोड़ने पड़े. स्टोर के बाहर सैकड़ों लोग जुटे हए थे. भीड़ बढ़ती देख शॉप बंद करनी पड़ी और पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े.
कई दूसरे यूरोपियन शहरों में इस घड़ी को खरीदने के लिए स्टोर के बाहर लोगों में मारपीट की नौबत आ गई. शॉपिंग मॉल के बाहर घंटों लोग इंतजार करते रहे.
भीड़ और भगदड़ को देखते हुए कंपनी ने अपने कई स्टोर्स कुछ समय के लिए बंद कर दिया. कंपनी ने लंदन के अपने 6 स्टोर्स बंद कर दिए. वहीं दूसरे शहरों के स्टोर्स भी प्रभावित रहे.
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अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में भी इस घड़ी के लिए दीवानापन देखा गया. लोग धक्का मुक्की पर उतर आए तो बाद में कंपनी को वहां भी अपना स्टोर बंद करना पड़ा. इंटरनेट पर कई वीडियोज वायरल हो रहे हैं जिन्हें देख कर ये साफ लग रहा है कि लोग इसे खरीदने के लिए कितने उतावले दिख रहे हैं.
महंगे दाम पर बेचने की होड़!
इसके पीछे एक और एक बड़ी वजह है. कई लोग इसे खरीदकर आगे महंगे दाम पर बेचने की सोच रहे हैं. लॉन्च के कुछ ही समय बाद यह घड़ी कई जगह ज्यादा कीमत पर बिकने लगी. यानी अब यह सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि कमाई का जरिया भी बन गई है.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनियां अब जानबूझकर इस तरह की स्ट्रैटिजी अपना रही हैं. लिमिटेड स्टॉक, ऑफलाइन बिक्री और अचानक लॉन्च से लोगों में उत्साह और डर दोनों पैदा होते हैं. लोगों को लगता है कि अगर अभी नहीं खरीदा, तो मौका हाथ से निकल जाएगा.
सोशल मीडिया इस पूरे खेल को और बड़ा बना देता है. जैसे ही भीड़ के वीडियो वायरल होते हैं, वैसे ही और लोग भी उस चीज को खरीदने के लिए आकर्षित होते हैं. यह पहली बार नहीं हुआ है. इससे पहले भी ऐसे कई लॉन्च में इसी तरह की भीड़ देखी गई है. लेकिन इस बार हालात कुछ ज्यादा ही बिगड़ गए.
अब आगे क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा. कंपनी ने कहा है कि यह कलेक्शन आगे भी उपलब्ध रहेगा, लेकिन जिस तरह का क्रेज अभी दिख रहा है, उससे साफ है कि यह मांग जल्दी कम नहीं होने वाली.
आज के दौर में लोग सिर्फ चीजें नहीं खरीद रहे, बल्कि एक एहसास खरीद रहे हैं. मेरे पास भी वही है वाला एहसास. कंपनियां इसी भावना को समझकर अपनी स्ट्रैटिजी बना रही हैं.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क