टेलीकॉम डिस्प्यूट्स एंड अपीलेट ट्रीब्यूनल (TDSAT) ने TRAI से रिलायंस जियो के फ्री वॉयस और डेटा सर्विस पर लगभग एक हफ्ते के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही इस पर भी जानकारी मांगी है कि रेगुलेटर ने जियो की सर्विस पर पैनी नजर रखी या नहीं.
इससे पहले पिछले हफ्ते ही (TRAI) ने जियो को क्लिनचिट दे दी थी. जिसमें उन्होनें बताया था कि रिलायंस जियो का हैपी न्यू ऑफर उसके पुराने वेलकम ऑफर से अलग है.
ट्रिब्यूनल ने 15 फरवरी तक TRAI से स्पष्टीकरण जमा करने को कहा है और मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को रखी गई है. जिसमें ये जानकारी मांगी गई है कि क्या जियो ने अपने A ऑफर और अपने B ऑफर (वेलकम ऑफर) दोनों के अलग-अलग होने के बारे में TRAI को बताया था. साथ ही ये भी कि क्या जियो के ऑफर्स TRAI के नियमों के भीतर थे.
इससे पहले भारती एयरटेल, आईडिया और वोडाफोन ने टेलीकॉम रेगुलेटर से जियो के मार्च 2017 तक चलने वाले फ्री ऑफर को भेदभावपूर्ण बताते हुए जांच की मांग की थी.
जिसमें TRAI ने कंपनियों को अपना फैसला अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से आए बयान के बाद सुनाया जिसमें उन्होंने राय दी थी कि रिलायंस जियो रेगुलेटर द्वारा सुनिश्चत किए गए किसी भी नियम को नहीं तोड़ता और TRAI को इस मसले पर पड़ने की जरुरत भी नहीं है.
TRAI ने रिलायंस जियो के ऑफर की जांच की और इस नतीजे पर पहुंचा कि जियो का नया हैपी न्यू ईयर ऑफर पुराने वेलकम ऑफर (जिसकी वैलिडिटी 31 दिसंबर तक थी) का एक्सटेंशन नहीं है और दोनों के फायदे भी अलग हैं.
साकेत सिंह बघेल