ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट को खराब चार्जर बेजने के एवज में अब 15 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा. मोबाइल चार्जर में दिक्कत होने की वजह से कस्टमर का मोबाइल खराब हो गया.
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक डॉ अहमद एक्यू इरफानी ने जनवरी 2016 में फ्लिपकार्ट से एक चार्जर खरीदा. इसकी कीमत 259 रुपये थी. उन्होंने दावा किया कि 10 मिनट चार्ज करने के बाद चार्जर का तार जल गया और उनका फोन पूरी तरह से खराब हो गया.
इरफानी ने TOI को बताया है, ‘जब मैने फ्लिपकार्ट से इस बात रिप्लेस करने को तो कहा, लेकिन इसका मुआवजा देने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि पावर बढ़ने की वजह से डिवाइस खराब हुई होगी’.
शुरुआत में तो फ्लिपकार्ट ने उन्हें इसका मुआवजा देने से मना किया और कहा कि डिवाइस शॉर्ट सर्किट की वजह से खराब हुई होगी. फ्लिपकार्ट ने यह भी कहा कि कंपनी सेलर और यूजर के बीज मीडिएटर का काम करती है, इसलिए प्रोडक्ट क्वॉलिटी की जिम्मेदारी फ्लिपकार्ट की नहीं है.
इस मामले पर इरफानी ने मुआवजे के लिए रीफंड की मांग करते हुए कंज्यूमर फोरम में पिटिशन फाइल किया. इसका फैसला उनके पक्ष में आया.
इस मामले पर कंज्यूमर फोरम की बेंच ने कहा, ‘फ्लिपकार्ट अपनी . शिकायतकर्ता ने फ्लिपकार्ट से सामान खरीदा है यानी कस्टमर और कंपनी के बीच एक रिश्ता कायम होता है.’ फोरम के मुताबिक अगर बैटरी चार्जर का रेंज 110 वोल्ट से 240 वोल्ट के बीच है तो मोबाइल में पावर बढ़ने का की संभावना ही नहीं है जिसकी वजह से वो खराब हो.
कंज्यूमर कोर्ट के बेंच के मुताबिक, ‘ शिकायतकर्ता न सिर्फ रिफंड का हकदार है, बल्कि उसे सही मुआवजा भी मिलना चाहिए’
मुन्ज़िर अहमद