कोरोना वायरस की वजह से एयर इंडिया ने पहले ही 30 अप्रैल तक की बुकिंग नहीं लेने का ऐलान कर दिया था. बुधवार इंडिगो ने भी दुनियाभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को देखते हुए अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय फ्लाइटों को 30 अप्रैल तक के लिए कैंसिल कर दिया है.
....लगेगा अभी लंबा वक्त?
इस बीच नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि एक बार यह भरोसा हो जाए कि कोरोना वायरस संक्रमण नियंत्रण में आ गया है, तभी भारत में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल पैसेंजर उड़ानों पर से प्रतिबंध हटेगा, यानी अभी वक्त लगेगा.
मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्विटर पर लिखा, 'देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं, इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है. मैं मुश्किल की इस घड़ी में उनके सहयोग और मदद के लिए धन्यवाद देता हूं.'
कोरोना पर काबू के बाद हवाई सफर संभव
यानी हरदीप सिंह पुरी का साफ कहना है कि जब तक देश में कोरोना के मामलों पर पूरी से लगाम न पा लिया जाए, तब तक यात्री उड़ानों के बारे में फैसला लेना संभव नहीं है. हालांकि एयर इंडिया 30 अप्रैल के बाद की बुकिंग ले रही है. पिछले सप्ताह ही सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया ने 30 अप्रैल तक अडवांस बुकिंग पर रोक लगाई थी.
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वहीं बुधवार को इंडिगो एयरलाइंस ने 30 अप्रैल तक सभी यात्री उड़ानें रद्द कर दी हैं. एयरलाइंस की ओर से जानकारी दी गई है कि जिन यात्रियों ने 30 अप्रैल तक की किसी इंटरनेशनल फ्लाइट में टिकट बुक करा रखी थी उनका पैसा credit shell के तौर सुरक्षित रखा गया है.
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वॉलेट में मिलेगा रिफंडटिकट रद्द होते ही इंडिगो किराये की राशि को ग्राहक के नाम से एक वॉलेट में डाल देगी. वॉलेट का बैंलेंस कोई भी यात्री इंडिगो की बेवसाइट पर एडिट बुकिंग के ऑप्शन में देख सकता है. ध्यान रहे टिकट उसी यात्री के नाम से बुक होनी चाहिए, जिसकी कैंसिल हुई है.
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गौरतलब है कि 14 अप्रैल तक देश में लॉकडाउन लागू है और कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में संभावना है कि लॉकडाउन का वक्त बढ़ाया जा सकता है. कई राज्य लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में है.
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