क्रुणाल पंड्या भाई हार्दिक पंड्या से भी दो कदम आगे निकले, क्रुणाल ने इंटरनेशनल डेब्यू के बाद अपने पहले ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर बड़ा कारनामा किया है. कंगारुओं के खिलाफ सिडनी में खेले गए तीसरे टी-20 मैच में क्रुणाल पंड्या ने कंगारू बल्लेबाजों की जमकर खबर ली.
सिडनी में पंड्या ने 36 रन देकर चार विकेट चटकाए. क्रुणाल का यह प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया में किसी भी स्पिन गेंदबाज द्वारा टी-20 इंटरनेशनल मैच में सर्वश्रेष्ठ है.
क्रुणाल ने ऑस्ट्रेलिया में खेले गए टी-20 इंटरनेशनल मैच में एक स्पिन गेंदबाज के रूप में सबसे अधिक विकेट हासिल किए हैं. इस लिस्ट में उन्होंने ग्लेन मैक्सवेल को पछाड़ा है. ग्लेन ने तीन विकेट हासिल किए थे.
क्रुणाल पंड्या का यह टी-20 करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा. क्रुणाल के इस प्रदर्शन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया की टीम 20 ओवर में 164 रन ही बना पाई. क्रुणाल पंड्या को 'मैन ऑफ द मैच' का अवॉर्ड मिला. क्रुणाल पंड्या ने ब्रिस्बेन में खेले गए पहले टी-20 मैच में 4 ओवर में 55 रन लुटाए थे, लेकिन सिडनी में खेले गए तीसरे टी-20 मैच में इस ऑलराउंडर ने सब कुछ पलट कर रख दिया.
क्रुणाल पंड्या ने खुलासा किया कि ब्रिसबेन में खराब प्रदर्शन के बाद खुद को प्रेरित करना बहुत मुश्किल था कि वह इस बड़े स्तर के लायक हो. क्रुणाल ने कहा कि पहले टी-20 मैच में खराब प्रदर्शन के बाद वह काफी हतोत्साहित हो गए थे और इंटरनेशनल लेवल पर लगातार प्रदर्शन के लिए उन्हें बेहतरीन करने की जरूरत थी.
क्रुणाल ने कहा, ‘जब आप पहला मैच ऑस्ट्रेलिया में खेलते हो तो यह बहुत मुश्किल तो होता ही और ऊपर से आप चार ओवर में 53 रन गंवा दो तो यह अधिक कठिन हो जाता है. इसलिए इससे वापसी करना आसान नहीं था. मुझे खुद का मनोबल बढ़ाने में थोड़ा समय लगा, विशेषकर जब आपने इस लेवल पर कोई मैच नहीं खेला हो.’
क्रुणाल ने कहा, ‘ब्रिसबेन में 50 से ज्यादा रन गंवाना मेरे लिए काफी कठिन था और मेरे लिए अगले 24 घंटे काफी मुश्किल थे. मुझे खुद को प्रेरित करना पड़ा. जब मैं मेलबर्न में दूसरा मैच खेला तो मैं अपनी योजना को लेकर काफी स्पष्ट था कि मुझे क्या करना है.’
क्रुणाल ने कहा, ‘जब आप इस तरह वापसी करते हो तो यह काफी संतोषजनक होता है. आपने एक दिन खराब प्रदर्शन किया और फिर उसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ आप अच्छा करते हो तो इससे संतोष और खुशी मिलती है और साथ ही यह निश्चित होता है कि आप इस स्तर के लायक हो.’