पेरिस ओलंपिक समाप्त हो गया है. खिलाड़ी घर लौटने लगे हैं. लेकिन, भारत को अब भी एक नतीजे का इंतजार है और 140 करोड़ देशवासियों को बड़ी उम्मीदें भी हैं. रेसलर विनेश फोगाट के मामले में मंगलवार को फिर फैसला टल गया है और एक नई तारीख (16 अगस्त) मिल गई है. विनेश को फाइनल मैच से पहले 100 ग्राम ज्यादा वजन होने की वजह से अयोग्य घोषित कर दिया गया था. उन्होंने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोटर्स (CAS) में अपील की थी.
विनेश ने सबसे पहले गोल्ड मेडल के मैच के लिए बहाल करने की अपील की. जब ये मांग ठुकरा दी गई तो उन्होंने इसे संशोधित कर सिल्वर मेडल दिए जाने के लिए याचिका लगाई. कोर्ट को 8 अगस्त को फैसला सुनाना था. लेकिन मामला टल गया. इस बीच, विनेश ने संन्यास लिए जाने का ऐलान कर दिया. उसके बाद इस मामले में 13 अगस्त को फैसला आना था और एक बार फिर यह मामला टल गया. कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स यानी सीएएस ने कहा कि फैसला 16 अगस्त को सुनाया जाएगा.
विनेश ने संन्यास के ऐलान में क्या कहा?
विनेश फोगाट ने 8 अगस्त की सुबह सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और अपनी मां को संबोधित करके लिखा, मां, कुश्ती मेरे से जीत गई. मैं हार गई. माफ करना. आपका सपना, मेरी हिम्मत सब टूट चुके. इससे ज्यादा ताकत नहीं रही अब. अलविदा कुश्ती 2001-2024. आप सबकी हमेशा ऋणी रहूंगी. माफी.
क्यों डिस्क्वालिफाई हो गईं विनेश?
दरअसल, विनेश 50 किलो की कैटेगरी में खेल रही थीं. नियमों के मुताबिक, फाइनल मैच से पहले 7 अगस्त की सुबह उन्होंने अपना वजन कराया तो यह 100 ग्राम ज्यादा निकला. ओलंपिक के नियमों के चलते विनेश को फाइनल खेलने से डिस्क्वालिफाई कर दिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मामले को संज्ञान में लिया और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा से बात की और ओलंपिक समिति के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए कहा.
विनेश ने एक दिन में तीन दिग्गजों को दी थी पटखनी
विनेश ने 50 किलो कैटेगरी में 6 अगस्त को 3 दिग्गज पहलवानों को पटखनी दी थी और फाइनल में एंट्री कर ली थी. वे ऐसा करने वालीं देश की पहली महिला पहलवान बन गई थीं. विनेश को सिल्वर मेडल तय माना जा रहा था. विनेश ने सबसे पहले प्री-क्वार्टर फाइनल में ओलंपिक चैंपियन रही जापान की यूई सुसाकी को 3-2 से हराया था. सुसाकी 82 मैचों से अजेय खिलाड़ी थीं. यानी इस दरम्यान वे कोई मैच नहीं हारी थीं. विनेश ने क्वार्टर फाइनल में यूक्रेन की ओकसाना लिवाच को 7-5 से हराया था. उसके बाद सेमीफाइनल खेला और क्यूबा की गुलजान लोपेजी को 5-0 से पटखनी दी थी.
महावीर फोगाट बोले- हमारी उम्मीदें बढ़ रही हैं
विनेश के चाचा महावीर फोगाट ने कहा कि हम पिछले पांच-छह दिन से इंतजार कर रहे हैं. लेकिन हमें तारीख पर तारीख मिल रही है. पहले फैसला 8 तारीख को आना था. हमें उम्मीद है कि वो सिल्वर मेडल जीतेगी. हम विनेश का स्वागत स्वर्ण पदक विजेता की तरह करेंगे. हम उसे अपना फैसला (संन्यास लेने का) वापस लेने और 2028 ओलंपिक की तैयारी शुरू करने के लिए मनाने की पूरी कोशिश करेंगे.
महावीर का कहना था कि फैसले का 140 करोड़ भारतीय इंतजार कर रहे हैं. हम CAS के फैसले का स्वागत करने के लिए तैयार हैं. हमें उम्मीद है कि CAS हमारे पक्ष में फैसला देगा. हमें उम्मीद है कि CAS अब और देरी नहीं करेगा और यह हमारे लिए सकारात्मक होगा. यह एक्सटेंशन हमारी उम्मीदें बढ़ रहा है.
भारतीय ओलंपिक संघ के अधिवक्ता विदुषपत सिंघानिया ने उम्मीद जताई है कि फैसला हमारे पक्ष में होगा. CAS ने बताया कि उन्होंने 16 अगस्त, शाम 6.30 बजे (पेरिस समयानुसार) तक का एक्सटेंशन लिया है. हमें इसके पीछे की वजह पता नहीं है. वैसे CAS किसी समिति की शिकायत दर्ज करने के 24 घंटे के भीतर अपना फैसला सुनाती है. हमें अब भी उम्मीदें हैं.
विनेश को फाइनल में गोल्ड मेडल के लिए अमेरिका की सारा एन हिल्डेब्रांड के खिलाफ कुश्ती के अखाड़े में उतरना था.
WFI ने क्या कहा...
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के उपाध्यक्ष जय प्रकाश ने फैसले में देरी करने पर निराशा जाहिर की है. इंडिया टुडे के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, देरी से पूरा महासंघ 'बहुत दुखी' है. उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि अब 16 अगस्त को आने वाला अंतिम फैसला फोगाट और भारतीय कुश्ती समुदाय के लिए निष्पक्ष और न्यायपूर्ण होगा. जय प्रकाश का कहना था कि हम सभी अपनी सांसें थामे हुए थे और फैसले का इंतजार कर रहे थे. उम्मीद कर रहे थे कि हमें कुछ अच्छी खबर मिलेगी. मुझे नहीं पता कि फैसला आने में क्या बाधा है. हम बहुत दुखी हैं और हमारा मानना है कि परिणाम पहले आना चाहिए था. हम सभी अब बस यही उम्मीद कर रहे हैं कि जब भी फैसला आए, वो अच्छा हो.
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