आईसीसी मेन्स अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में 14 साल के भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया. शुक्रवार (6 फरवरी) को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए इस खिताबी मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 80 गेंदों पर 175 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे. उन्हें तेज गेंदबाज मैनी लम्सडेन ने आउट किया, लेकिन तब तक वह कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके थे.
वैभव सूर्यवंशी की इस विस्फोटक पारी पर भारत के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग भी खुद को रोक नहीं पाए. सहवाग ने अपने X अकाउंट पर लिखा, '80 गेंदों पर 175 रन… 15 चौके + 15 छक्के- बराबर चौके, बराबर छक्के, बराबर तबाही. सूर्यवंशी यानी सूर्य वंश से जन्मा… आज उसने सूरज की तरह बल्लेबाजी की- तेज, चमकदार और अजेय, इंग्लैंड ने हर कोशिश की, लेकिन सूरज को कौन रोक सकता है! भारतीय क्रिकेट पर सूर्य उदय हो चुका है. यह भविष्य की एक झलक है.'
वैभव सूर्यवंशी ने महज 55 गेंदों पर शतक पूरा किया, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल का सबसे तेज शतक है. साथ ही टूर्नामेंट के इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक भी रहा. इसके साथ ही वैभ अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक लगाने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बने. उनसे पहले उन्मुक्त चंद (2012) और मनजोत कालरा (2018) ही ऐसा कारनामा कर सके थे.
इतना ही नहीं, वैभव सूर्यवंशी अब अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. पूरे टूर्नामेंट में वैभव ने कुल 30 छक्के लगाए और साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस (2022 में 18 छक्के) और न्यूजीलैंड के फिन एलन (2016 और 2018 को मिलाकर 18 छक्के) का रिकॉर्ड तोड़ दिया.
वैभव सूर्यवंशी की यह ऐतिहासिक पारी न सिर्फ फाइनल की सबसे बड़ी हाइलाइट बनी, बल्कि भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य की झलक भी दिखा गई है.
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