आईपीएल 2026 की शुरुआत में ही विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र उनके खेल के रास्ते में कहीं नहीं खड़ी. सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 69 रनों की पारी सिर्फ एक जीत की कहानी नहीं थी, बल्कि उस बहस को फिर जिंदा कर गई- क्या ‘किंग’ को टेस्ट क्रिकेट में लौट आना चाहिए?
पिछले साल जब कोहली ने अपने सबसे पसंदीदा फॉर्मेट टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा, तो फैन्स और क्रिकेट एक्सपर्ट्स दोनों ही हैरान रह गए थे. लेकिन वक्त बदला, फॉर्म लौटी और अब हर शानदार पारी के साथ एक ही आवाज उठ रही है- 'कोहली, एक बार फिर सफेद जर्सी पहन लो!'
आईपीएल से पहले दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में शतकों की बारिश ने इस बहस को और हवा दी. हालांकि, खुद कोहली ने साफ कर दिया है कि वह अब सिर्फ 50 ओवरों के फॉर्मेट पर ही ध्यान देना चाहते हैं. यानी, टेस्ट में वापसी का दरवाजा फिलहाल बंद ही है.
... लेकिन क्रिकेट की दुनिया इतनी आसानी से हार मानने वाली नहीं. अंबति रायडू ने एक बार फिर इस मुद्दे को हवा देते हुए बड़ा बयान दिया. उनका मानना है कि कोहली का 'बेस्ट अभी आना बाकी है' और वह अगले 5-6 साल तक टॉप लेवल पर खेल सकते हैं.
रायडू यहीं नहीं रुके, उन्होंने तो सीधे बीसीसीआई से अपील कर दी कि कोहली को टेस्ट टीम की कप्तानी देकर वापसी के लिए मोटिवेट किया जाए. ESPNcricinfo के show.में रायडू ने कोहली के बारे में कहा, 'वह भारत के सबसे बेहतरीन रेड-बॉल कप्तान रहे हैं और जिस फॉर्म में वह बल्लेबाजी कर रहे हैं, टेस्ट क्रिकेट में उनकी गैरमौजूदगी भारतीय क्रिकेट का नुकसान है.'
अगर आंकड़ों की बात करें, तो कोहली का टेस्ट करियर किसी लीजेंड से कम नहीं रहा- 123 मैच, 9230 रन, 30 शतक. वह 10,000 रन के आंकड़े से सिर्फ 770 रन दूर रह गए. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खराब बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बाद उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया, लेकिन उससे पहले वह भारतीय टेस्ट टीम को नई ऊंचाइयों तक ले जा चुके थे.
उनकी कप्तानी में भारत ने न सिर्फ टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 का ताज पहना, बल्कि 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक सीरीज जीत भी दर्ज की. WTC- ICC World Test Championship के पहले फाइनल तक टीम को पहुंचाना भी उनके लीडरशिप का बड़ा सबूत रहा.
यही वजह है कि रायडू जैसे पूर्व खिलाड़ी मानते हैं कि कप्तानी का जिम्मा फिर से मिलने पर कोहली के अंदर का टेस्ट क्रिकेटर दोबारा जाग सकता है.
... लेकिन फिलहाल तस्वीर साफ है- कोहली अपने फैसले पर अडिग हैं. फैन्स की उम्मीदें और एक्सपर्ट्स की सलाह एक तरफ, और ‘किंग’ का खुद का प्लान दूसरी तरफ. अब सवाल यही है- क्या यह कहानी यहीं खत्म हो गई है, या क्रिकेट को अभी एक और 'कोहली कमबैक' देखने को मिलेगा?
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