कोच बनकर आए, 6 महीने में छोड़ दी कुर्सी! इस दिग्गज ने खोली पाकिस्तान क्रिकेट की पोल

गैरी कर्स्टन की कोचिंग और महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने 2011 का वनडे वर्ल्ड कप जीता था. गैरी कर्स्टन फिलहाल श्रीलंकाई टीम के हेड कोच की भूमिका निभा रहे हैं. कर्स्टन कुछ महीनों के लिए पाकिस्तान की व्हाइट बॉल टीम के भी कोच रहे.

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गैरी कर्स्टन के बयान से पाकिस्तान क्रिकेट की सच्चाई सामने आई है. (Photo: Getty) गैरी कर्स्टन के बयान से पाकिस्तान क्रिकेट की सच्चाई सामने आई है. (Photo: Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:43 PM IST

साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर और दिग्गज कोच गैरी कर्स्टन ने पाकिस्तान क्रिकेट को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. पाकिस्तानी टीम के साथ अपने छोटे कार्यकाल को याद करते हुए उन्होंने बताया कि अंदरूनी हालात इतने खराब थे कि उनके लिए काम करना लगभग नामुमकिन हो गया था.

गैरी कर्स्टन के खुलासों ने पाकिस्तानी टीम के अंदर चल रही खींचतान और अव्यवस्था को उजागर कर दिया है. 2024 में पाकिस्तान के व्हाइट-बॉल कोच बने कर्स्टन सिर्फ 6 महीने में ही पद छोड़ने को मजबूर हो गए. उन्होंने बताया कि टीम के कामकाज में बाहरी दखल इतना ज्यादा था कि कोच के लिए अपनी रणनीति पर काम करना लगभग असंभव हो गया था.

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गैरी कर्स्टन ने टॉकस्पोर्ट से बताया, 'मेरे लिए सबसे हैरान करने वाली चीज लगातार होने वाला बाहरी हस्तक्षेप था. इस वजह से कोच के तौर पर टीम के साथ सही तरीके से काम करना बेहद मुश्किल हो जाता है. कर्स्टन ने कहा कि टीम के खराब प्रदर्शन के बाद माहौल और भी तनावपूर्ण हो जाता था. कर्स्टन के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट में खराब प्रदर्शन का ठीकरा सबसे पहले कोच के सिर फोड़ा जाता है.

'कोच को निशाना बनाना आसान'
गैरी कर्स्टन कहते हैं, 'हर समय बाहर से शोर रहता था और खराब प्रदर्शन पर सख्त कार्रवाई होती थी. ऐसे माहौल में कोच पर सबसे पहले जिम्मेदारी डाल दी जाती है.उन्होंने यह भी माना कि जब टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तो कोच सबसे आसान निशाना बन जाता है.'

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गैरी कर्स्टन ने तंज कसते हुए कहा, 'जब टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही होती, तो सबसे आसान रास्ता होता है कोच को हटा देना या उस पर पाबंदियां लगा देना. लेकिन मेरी नजर में ये पूरी तरह गलत है. अगर आपको कोच पर भरोसा ही नहीं है, तो फिर उसे नियुक्त ही क्यों करते हैं.'

गैरी कर्स्टन के बाद ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने भी दिसंबर 2024 में पाकिस्तानी टेस्ट टीम के कोच पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने पूर्व पाकिस्तनी गेंदबाज आकिब जावेद पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह पर्दे के पीछे साजिश कर रहे थे और खुद कोच बनने की कोशिश में थे.

लगातार विवाद, कोचों का इस्तीफा और अंदरूनी खींचतान- ये सब संकेत दे रहें हैं कि पाकिस्तान क्रिकेट इस समय गहरे संकट से गुजर रहा है. गैरी कर्स्टन और जेसन गिलेस्पी जैसे बड़े नामों के खुलासों ने इस बात को और पुख्ता कर दिया है कि टीम के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा.

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