भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने हेड कोच गौतम गंभीर के साथ अपने रिश्ते को लेकर दिलचस्प खुलासा किया है. सूर्या ने कहा कि उनके और गंभीर के बीच कभी तीखी बहस नहीं होती, बल्कि हर मुद्दे पर खुलकर चर्चा होती है. करीब 12 साल पुराने इस रिश्ते में भरोसा और समझ इतनी मजबूत है कि आज भी वह उन्हें ‘गौती भाई’ कहकर ही बुलाते हैं.
35 साल के सूर्यकुमार यादव ने हाल ही में पीटीआई को दिए इंटरव्यू में अपने क्रिकेट करियर के शुरुआती दिनों, कोच के साथ रिश्ते और टीम के माहौल को लेकर कई अहम बातें साझा कीं. उन्होंने खास तौर पर टीम के हेड कोच गौतम गंभीर के साथ अपने रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों के बीच मतभेद या बहस जैसी स्थिति नहीं बनती, बल्कि हर विषय पर खुलकर बातचीत होती है.
सूर्यकुमार ने बताया कि उनका और गंभीर का रिश्ता काफी पुराना है और दोनों करीब एक दशक से भी ज्यादा समय से एक-दूसरे को जानते हैं. उन्होंने कहा, 'यह बहस जैसा नहीं होता, बल्कि चर्चा होती है. हम एक-दूसरे को करीब 12 साल से जानते हैं और इसी वजह से हमारी बातचीत हमेशा खुली और साफ होती है.'
उन्होंने अपने करियर के उस दौर को भी याद किया जब वह 2014 में केकेआर ( Kolkata Knight Riders) से जुड़े थे. उस समय टीम की कमान गौतम गंभीर के हाथों में थी. सूर्यकुमार के मुताबिक, केकेआर के साथ बिताए चार साल उनके करियर के बेहद महत्वपूर्ण साल रहे.
उन्होंने कहा, '2014 में जब मैं केकेआर गया, तब वहां मेरा चार साल का सफर शानदार रहा. उस दौरान गंभीर ने मुझ पर काफी भरोसा दिखाया और मुझे हमेशा प्रोत्साहित किया.' सूर्यकुमार ने बताया कि इसी दौरान गंभीर ने उन्हें ‘SKY’ का निकनेम दिया था, जो आज उनके नाम के साथ स्थायी रूप से जुड़ गया है.
सूर्यकुमार ने यह भी खुलासा किया कि 2015–16 के आसपास गंभीर ने उन्हें टीम का उपकप्तान बनाया था. उनका मानना था कि सूर्यकुमार में भविष्य में टीम की अगुआई करने की क्षमता है. उन्होंने कहा, 'गंभीर ने मुझे उस समय उपकप्तान बनाया क्योंकि उन्हें लगता था कि मैं आगे चलकर टीम की कप्तानी कर सकता हूं. यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी और इससे मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा.'
आज जब दोनों भारतीय टीम में कप्तान और कोच के रूप में साथ काम कर रहे हैं, तब भी उनके रिश्ते में वही सहजता और दोस्ताना माहौल कायम है. सूर्यकुमार ने कहा, 'मैं आज भी उन्हें ‘गौती भाई’ ही कहकर बुलाता हूं. हमारे बीच बातचीत का तरीका भी पहले जैसा ही है. कुछ भी नहीं बदला है.'
टीम इंडिया के माहौल पर बात करते हुए सूर्यकुमार ने टी20 वर्ल्ड कप के दौरान की यादें भी साझा कीं. उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट के दौरान टीम पर काफी दबाव था और हर मैच बेहद अहम था. ऐसे माहौल में खिलाड़ी अक्सर तनाव में रहते हैं.
उन्होंने कहा, 'हमने वर्ल्ड कप के दौरान कई बार कोशिश की कि गंभीर को हंसा सकें, लेकिन मैच इतने तीव्र और दबाव वाले थे कि शुरुआत से लेकर फाइनल तक माहौल काफी गंभीर रहा.' हालांकि टूर्नामेंट के अंत में जब टीम ने खिताब जीता तो माहौल पूरी तरह बदल गया.
सूर्यकुमार ने बताया कि फाइनल जीतने के बाद जब टीम ने गंभीर के चेहरे पर मुस्कान देखी तो सभी खिलाड़ी बेहद खुश हो गए. उन्होंने कहा, 'जब हमने फाइनल जीता और उनके चेहरे पर मुस्कान देखी, तब पूरा ड्रेसिंग रूम खुश हो गया. वह पल हम सभी के लिए बहुत खास था.'
भारतीय टीम के अंदर कप्तान और कोच के बीच बेहतर तालमेल को हमेशा टीम की सफलता की एक बड़ी वजह माना जाता है. सूर्यकुमार और गंभीर के रिश्ते से भी यही संदेश मिलता है कि आपसी भरोसा और खुली बातचीत टीम को मजबूत बनाती है.
सूर्यकुमार ने यह भी संकेत दिया कि टीम के भीतर चर्चा और विचारों का आदान-प्रदान लगातार चलता रहता है. इससे खिलाड़ियों को अपने विचार रखने का मौका मिलता है और टीम की रणनीति भी मजबूत होती है.
टी20 क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और अनोखे शॉट्स के लिए मशहूर सूर्यकुमार यादव ने पिछले कुछ सालों में भारतीय टीम के लिए कई यादगार पारियां खेली हैं. अब कप्तान के तौर पर भी उनसे टीम को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की उम्मीद की जा रही है.
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