टी20 वर्ल्ड कप 2026 में श्रीलंका ने एक ऐसी जीत दर्ज की, जिसने पूरे टूर्नामेंट का समीकरण बदल दिया. 2021 की चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराते हुए श्रीलंका ने सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर ली. यह सिर्फ एक मुकाबले की जीत नहीं थी- यह योजना, धैर्य और टीमवर्क की जीत थी.
मैच के बाद मुख्य कोच सनथ जयसूर्या ने साफ कहा कि टीम की इस कामयाबी में दो पूर्व भारतीय कोचों की अहम भूमिका रही. फील्डिंग कोच आर. श्रीधर और बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ ने खिलाड़ियों के साथ जिस तरह काम किया, उसका असर मैदान पर दिखा.
जयसूर्या ने बताया कि अभ्यास सत्रों में स्पष्ट योजना पर काम हुआ. फील्डिंग में धार लाने और बल्लेबाजों को आत्मविश्वास देने पर खास जोर दिया गया. उन्होंने कहा कि कभी-कभी बल्लेबाजी इकाई पर दबाव बनता है, लेकिन कोचिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों का भरोसा बनाए रखा और वही इस जीत की नींव बना.
निसांका- शतक... और इससे पहले कैच भी
इस मुकाबले के हीरो रहे पथुम निसांका 16 फरवरी को खेले गए इस मैच में उन्होंने टूर्नामेंट का पहला शतक जड़ दिया. उनकी पारी में धैर्य, क्लास और आक्रामकता तीनों का संतुलन दिखा.
लेकिन निसांका का योगदान सिर्फ बल्ले तक सीमित नहीं रहा. पॉइंट पर खड़े होकर उन्होंने ग्लेन मैक्सवेल के स्विच हिट पर हवा में उड़ान भरते हुए शरीर के पीछे से जो कैच पकड़ा, वह मुकाबले का टर्निंग पॉइंट बन गया. यह कैच पहले ही ‘कैच ऑफ द टूर्नामेंट’ की चर्चा में शामिल है.
9वें ओवर में 100 रन… फिर स्पिन का जाल
ऑस्ट्रेलिया ने पहले 8.2 ओवरों में 100 रन बना दिए थे. हालात मुश्किल थे, लेकिन यहीं से श्रीलंका ने मैच पलटा. ड्रेसिंग रूम में साफ संदेश था- गति में बदलाव करो, गेंद को धीमा रखो और विकेट की पकड़ का फायदा उठाओ.
स्पिनर महीष तीक्ष्णा ने वापसी करते हुए तीन अहम ओवर फेंके और रनगति पर लगाम लगाई. इस बीच टीम को बड़ा झटका तब लगा जब प्रमुख तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना हैमस्ट्रिंग चोट के कारण बाहर हो गए. बावजूद इसके, गेंदबाजों ने शानदार संयम दिखाया और ऑस्ट्रेलिया को 20 ओवरों में 181 रनों पर रोक दिया.
गौरतलब है कि श्रीलंका पहले ही अपने प्रमुख स्पिनर वानिंदु हसारंगा को चोट के कारण खो चुका है. दो अहम गेंदबाजों की अनुपस्थिति के बावजूद टीम का अनुशासन और रणनीतिक स्पष्टता देखने लायक रही.
सुपर-8 में नई शुरुआत
यह जीत सिर्फ अंक तालिका में दो अंक नहीं है... यह श्रीलंका के आत्मविश्वास का ऐलान है. निसांका का शतक, फील्डिंग में धार, स्पिन की चतुराई और ड्रेसिंग रूम की रणनीति... इन सबने मिलकर ऑस्ट्रेलिया की हार की कहानी लिखी.
अब सुपर-8 में असली परीक्षा होगी. लेकिन श्रीलंका ने साफ कर दिया है- सही योजना और सामूहिक विश्वास के साथ दिग्गजों को भी झुकाया जा सकता है.
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