वो कश्मीरी बल्लेबाज, जिसने रणजी फाइनल में रचा इत‍िहास... बैकफुट पर 8 बार की चैम्प‍ियन टीम कर्नाटक

शुभम पुंडीर के शानदार नाबाद शतक की मदद से जम्मू और कश्मीर ने मंगलवार को कर्नाटक के खिलाफ अपने पहले रणजी ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन स्टंप्स तक 2 विकेट पर 284 रन बना लिए. शुभम ने 221 गेंदों में 117 रन की नाबाद पारी में 12 चौके और 2 छक्के लगाए.

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शुभम पुंडीर ने शतक जड़कर बना डाला महार‍िकॉर्ड (Photo: PTI) शुभम पुंडीर ने शतक जड़कर बना डाला महार‍िकॉर्ड (Photo: PTI)

aajtak.in

  • हुबली ,
  • 24 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:52 PM IST

Ranji Trophy Final 2026: हुबली में खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन जम्मू-कश्मीर ने ऐतिहासिक अवसर को पूरी तरह भुनाते हुए मैच पर अपना शिकंजा कस दिया. टीम ने स्टंप्स तक दो विकेट पर 284 रन बनाकर आठ बार की चैम्प‍ियन कर्नाटक को बैकफुट पर धकेल दिया. 

कश्मीर की टीम के सबसे बड़े पहले द‍िन के सबसे बड़े हीरो शुभम पुंडीर रहे. शुभम 117 रन बनाकर नाबाद लौटे. उन्होंने संयम, तकनीक और धैर्य का बेहतरीन मिश्रण दिखाया. चूंकि कश्मीरी टीम पहली बार रणजी फाइनल में पहुंची है,

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ऐसे में शुभम का शतक भी ऐत‍िहास‍िक रहा. क्योंकि वो कश्मीर की टीम से रणजी फाइनल में शतक जड़ने वाले पहले शतकवीर बन गए हैं. शुभम के साथ युवा यावर हसन ने 88 रन की बेहद महत्वपूर्ण पारी खेलते हुए 139 रनों की साझेदारी कर टीम की मजबूत नींव रखी.

जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया, जो दिन ढलते-ढलते पूरी तरह सही साबित हुआ. हालांकि टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और कमरान इकबाल सिर्फ 6 रन बनाकर प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर स्लिप में केएल राहुल को कैच दे बैठे.

यह भी पढ़ें: 67 साल का इंतजार खत्म... जम्मू-कश्मीर पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में, बंगाल को 6 विकेट से हराया

इसके बाद पुंडीर और यावर ने सतर्क शुरुआत की. नई गेंद से कर्नाटक के तेज गेंदबाज़ों ने लगातार परीक्षा ली, कई बार गेंद बल्ले को छकाती रही, लेकिन दोनों बल्लेबाजों ने मुश्किल दौर निकाल लिया. रन भले तेजी से नहीं आए, पर स्कोरबोर्ड चलता रहा और दबाव धीरे-धीरे गेंदबाजों पर आ गया.

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22 वर्षीय यावर, जो लंबे समय से बड़ी पारी का इंतज़ार कर रहे थे, उन्होंने ने बड़े मंच पर खुद को साबित किया. उन्होंने 13 चौके लगाते हुए कर्नाटक के अनुभवी आक्रमण को थकाकर रख दिया. शतक के करीब पहुंचते-पहुंचते वह प्रसिद्ध कृष्णा का दूसरा शिकार बने. एक बार फिर स्लिप में राहुल के हाथों कैच.

कप्तान पारस डोगरा को बाउंसर लगने से चोटिल होकर रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा, जिससे टीम को झटका लगा. इसके बाद अब्दुल समद मैदान पर आए और उन्होंने पुंडीर के साथ मिलकर पारी को संभाल लिया.

समद ने नाबाद 52 रन बनाए और तीसरे विकेट के लिए दोनों ने 105 रनों की अटूट साझेदारी कर कर्नाटक की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. पुंडीर ने अपना शतक शिखर शेट्टी पर डीप मिडविकेट के ऊपर छक्का जड़कर पूरा किया और हेलमेट उतारकर ड्रेसिंग रूम की ओर बल्ला उठाकर जश्न मनाया, यह सिर्फ शतक नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के सपनों का ऐलान था.

पहली बार रणजी फाइनल खेल रही यह टीम अब मुकाबले में निर्णायक बढ़त की ओर बढ़ती दिख रही है, जबकि पिच के आने वाले दिनों में टूटने की संभावना कर्नाटक की मुश्किलें और बढ़ा सकती है.

कौन हैं शुभम पुंडीर 
27 साल के शुभम पुंडीर का जन्म 16 अक्टूबर 1998 को देहरादून में हुआ था. वो बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं. शुभम 31 फर्स्ट क्लास मैचों की  50 पार‍ियों में 1296 रन 27.57 के एवरेज से बना चुके हैं, फर्स्ट क्लास मैचों में उनके नाम 3 शतक और 3 अर्धशतक भी हैं. 41 ल‍िस्ट ए मैचों मैचों की 40 पार‍ियों में वो 27.97 के एवरेज और 75.14 के स्ट्राइक रेट से  1007 रन बना चुके हैं. इस फॉर्मेट में उनका हाइएस्ट स्कोर 96 नाबाद है. वहीं वो 42 टी20 मुकाबलों में उन्होंने  695  रन 24.82 के एवरेज और 111.7 के स्ट्राइक रेट से बनाए हैं. वहीं सभी फॉर्मेट में उनके 124 विकेट भी हैं. 

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