Shane warne equity in rajasthan royals: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की टीम राजस्थान रॉयल्स (RR) की हालिया मेगा डील के बाद दिग्गज स्पिनर शेन वॉर्न का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है. फ्रेंचाइजी की बिक्री के बाद वॉर्न के बच्चों को उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा आर्थिक फायदा मिल सकता है.
राजस्थान रॉयल्स को हाल ही में $1.63 बिलियन (करीब ₹ 15,290 करोड़) में बेचा गया, जिसने क्रिकेट जगत को हिला दिया. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में यह रकम करीब $2.3 बिलियन बैठती है. इस डील के बाद वॉर्न की पुरानी हिस्सेदारी की वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया है.
वॉर्न का 2022 में 52 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था. उन्होंने 2008 में IPL के पहले सीजन के दौरान रिटायरमेंट से वापसी करते हुए राजस्थान रॉयल्स में निवेश किया था. उस समय उन्होंने खिलाड़ी, कप्तान और कोच की तीनों भूमिकाएं निभाईं और टीम को पहले ही सीजन में चैम्पियन बनाकर इतिहास रच दिया था.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें उस दौरान हर साल $657,000 की सैलरी दी गई थी और साथ ही हर साल के लिए 0.75% हिस्सेदारी भी मिली. 2008 से 2011 तक चार साल के दौरान यह हिस्सेदारी बढ़कर कुल 3% हो गई.
शुरुआत में यह निवेश बहुत बड़ा नहीं माना गया था, लेकिन IPL के दुनिया की सबसे अमीर लीग्स में शामिल होने के बाद इसकी वैल्यू आसमान छू गई. जुलाई 2021 में राजस्थान रॉयल्स की वैल्यू करीब $340 मिलियन आंकी गई थी, जिससे वॉर्न की हिस्सेदारी लगभग $10 मिलियन थी.
लेकिन हालिया डील के बाद यह रकम कई गुना बढ़ चुकी है. अब अनुमान लगाया जा रहा है कि वॉर्न की यह 3% हिस्सेदारी एक बड़ी रकम में बदल सकती है, जो उनके तीनों बच्चों ब्रूक वॉर्न, जैक्सन वॉर्न और समर वॉर्न को मिलने की संभावना है. यह रकम करीब 460 करोड़ भारतीय रुपए अनुमान लगाई गई है.
काल सोमानी ने खरीदी राजस्थान रॉयल्स
आईपीएल 2026 के शुरू होने से पहले मंगलवार (24 मार्च) को राजस्थान रॉयल्स को अमेरिका के एक बड़े कारोबारी काल सोमानी ने करीब 1.63 बिलियन डॉलर की भारी कीमत में आईपीएल की इस टीम की 100 फीसदी हिस्सेदारी अपने नाम कर ली.
काल अमेरिका के एरिजोना (स्कॉट्सडेल) के रहने वाले एक बिजनेसमैन हैं, सोमानी कई कंपनियों के फाउंडर हैं, जिनमें इंट्राऐज (IntraEdge) और ट्रूयो (Truyo) हैं. इसके अलावा वे AI गवर्नेंस से जुड़े कई इनिशिएटिव्स में भी सक्रिय रहे हैं. स्पोर्ट्स की दुनिया में भी उनकी तगड़ी पकड़ है. वह मोटर सिटी गोल्फ क्लब के को-ओनर हैं और टीएमआरडब्लू स्पोर्ट्स (TMRW Sports) और टीजीएल गोल्फ लीग (TGL Golf League) जैसे प्रोजेक्ट्स में शुरुआती निवेशक रहे हैं.
उनका राजस्थान से जुड़ाव कोई नया नहीं है. उन्होंने साल 2021 में पहली बार इस फ्रेंचाइजी में निवेश किया था. उस समय उन्होंने IPL के तेजी से बढ़ते मार्केट और भविष्य को लेकर काफी भरोसा जताया था.
नई डील से पहले राजस्थान रॉयल्स में ब्रिटिश-भारतीय कारोबारी मनोज बडाले के पास 65 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी. लेकिन अब पूरे 100 फीसदी की हिस्सेदारी काल सोमानी की होगी. वहीं यह डील भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की मंजूरी पर निर्भर है और जल्द ही साइन होने की उम्मीद है.
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