तेल संकट और बढ़ते खर्च के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बड़ा फैसला लेते हुए पीएसएल (पाकिस्तान सुपर लीग) 2026 को बिना दर्शकों के केवल दो वेन्यू में कराने का फैसला लिया है. इसके साथ ही पीएसएल की ओपनिंग सेरेमनी रद्द कर दी गई. बोर्ड का कहना है कि यह सब तेल-गैस संकट और बढ़ती लागत के चलते जरूरी हो गया था, लेकिन इन फैसलों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का यह कदम अब मजाक और बहस दोनों का कारण बन गया है. सोशल मीडिया पर फैन्स पाकिस्तान सुपर लीग को पेट्रोल शॉर्टेज लीग (Petrol Shortage League) कहकर ट्रोल कर रहे हैं, जिससे इस टी20 लीग की छवि को और नुकसान पहुंच रहा है.
इस बार भी पीएसएल का शेड्यूल सीधे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से टकरा रहा है क्योंकि आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के चलते लीग अपनी पारंपरिक विंडो में आयोजित नहीं हो पाई. इस टकराव का सीधा असर खिलाड़ियों पर पड़ा है. ब्लेसिंग मुजारबानी और दासुन शनाका पीएसएल छोड़कर आईपीएल से जुड़ चुके हैं. ज्यादा पैसा और ग्लोबल पहचान आईपीएल को खिलाड़ियों की पहली पसंद बना रहा है.
क्या तेल संकट के चलते लिया गया फैसला?
पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने पीएसएल को सीमित करने के पीछे ईरान से जुड़े क्षेत्रीय तनाव और तेल-गैस की कमी को वजह बताया है. हालांकि, यह भी चर्चा है कि पाकिस्तान के मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए ऐसे फैसले लिए गए हों. खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि तालिबान के हमले का डर पाकिस्तान को सता रहा है.
बीते दिनों जिस तरह से काबुल के अस्पताल में पाकिस्तान ने एयर स्ट्राइक किया और कम से कम 400 लोगों को मारा, उससे अफगानी लोग और तालिबान सरकार बेहद गुस्से में हैं. अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच सीजफायर जल्द खत्म होने वाला है, जिसके बाद तालिबान बदले की कार्रवाई कर सकता है.
इन हालात के बीच पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने सख्त रुख अपनाया. उन्होंने साफ कहा है कि लीग छोड़ने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी. पीएसएल जिसे कभी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टी20 लीग माना जाता था, अब एक कठिन दौर से गुजरता दिख रहा है. कम वेन्यू, बिना ओपनिंग सेरेमनी, खाली स्टेडियम और खिलाड़ियों का पलायन, ये सभी संकेत लीग की घटती पकड़ की ओर इशारा कर रहे हैं.
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