कभी कमर की चोट से खतरे में था क्रिकेट करियर, तभी मैक्ग्रा ने बदल दी प्रफुल्ल हिंगे की जिंदगी

प्रफुल्ल हिंगे ने अपने IPL डेब्यू में 2 ओवर में 6 रन देकर 4 विकेट झटकते हुए राजस्थान रॉयल्स के टॉप ऑर्डर को ध्वस्त कर सनसनी मचा दी और सनराइजर्स हैदराबाद की बड़ी जीत की नींव रखी. खास बात यह रही कि उनके पिता प्रकाश हिंगे को मैच शुरू होने तक बेटे के खेलने की जानकारी भी नहीं थी...

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प्रफुल हिंगे का आईपीएल में गूंज उठा नाम... (Photo, PTI) प्रफुल हिंगे का आईपीएल में गूंज उठा नाम... (Photo, PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली/नागपुर,
  • 14 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 3:21 PM IST

एक ओर मैदान पर कहर बरपाती गेंदबाजी, दूसरी ओर घर में सधी हुई खुशी... यही है प्रफुल्ल हिंगे के IPL डेब्यू की असली कहानी. पूर्व अकाउंटेंट प्रकाश हिंगे बेटे की उपलब्धि पर गर्वित तो हैं, लेकिन उनके जज्बात अब भी आंकड़ों की तरह संतुलित और शब्द नपे-तुले हैं.

हिंगे परिवार को सोमवार तक यह भी नहीं मालूम था कि प्रफुल्ल राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ प्लेइंग इलेवन में होंगे. प्रकाश ने बताया, 'हम कभी उससे नहीं पूछते कि वह खेलेगा या नहीं. रोज रात 10 बजे बात होती है...बस सामान्य बातें, ‘खाना खाया? मैच शुरू होने पर टीवी पर देखा कि वह डेब्यू कर रहा है, तभी पता चला.'

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मैदान पर उतरे प्रफुल्ल ने मौके को दोनों हाथों से लपका. अपने पहले ही स्पेल में 2 ओवर में 6 रन देकर 4 विकेट झटकते हुए राजस्थान के मजबूत टॉप ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया. उनकी इस घातक शुरुआत ने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की 57 रनों से बड़ी जीत की नींव रखी.

नागपुर के रहने वाले प्रकाश हिंगे को वह दिन याद है, जब 13 साल की उम्र में बेटे की क्रिकेट में दिलचस्पी देखकर उन्होंने उसे स्थानीय जिमखाना क्लब में दाखिला दिलाया था. उन्होंने कहा, 'हमने सिर्फ रास्ता दिखाया, दबाव नहीं बनाया. उसे अपनी राह चुनने की आजादी दी.' 

विदर्भ अंडर-16 टीम में चयन के बाद प्रफुल्ल का करियर रफ्तार पकड़ता गया. पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज प्रशांत वैद्य की सलाह पर उन्हें चेन्नई के MRF पेस फाउंडेशन भेजा गया, जहां कोच एम. सेंथिलनाथन और वरुण आरोन की देखरेख में उन्होंने अपनी गेंदबाजी को निखारा.

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हालांकि, एक समय लोअर बैक स्ट्रेस इंजरी ने उनके करियर पर खतरा पैदा कर दिया था. सेंथिलनाथन ने बताया,'हमने पहले उनकी इंजरी पर काम किया, फिर तकनीक सुधारी ताकि पीठ पर दबाव कम हो. छह महीने की मेहनत के बाद वह घरेलू सीजन के लिए तैयार हुए और अच्छा प्रदर्शन किया.'

फाउंडेशन में ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ग्लेन मैक्ग्रा से मिली रणनीतिक सीख ने भी प्रफुल्ल को मजबूत बनाया. बड़े मैच के दबाव से निपटना और हर गेंद पर वापसी करना. यही उनकी ताकत बनकर उभरी.

इस पूरी यात्रा में माता-पिता का संतुलित रवैया भी अहम रहा. प्रकाश हिंगे ने कहा, 'मैंने बस एक ही बात कही. मेहनत करते रहो, कोच की सुनो और मौका मिले तो उसे लपक लो.'

प्रफुल्ल ने अपने डेब्यू में जिस अंदाज में इस सीख को अमल में उतारा, उसने न सिर्फ टीम को जीत दिलाई, बल्कि IPL में एक नए सितारे के उभरने का ऐलान भी कर दिया.

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