टेस्ट क्रिकेट शोर से नहीं, ठहराव से पहचाना जाता है... जहां गेंद सवाल पूछती है और बल्लेबाज को हर जवाब धैर्य से देना पड़ता है. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर 5वें एशेज टेस्ट में जो रूट (Joe Root) ने ठीक वही किया. बिना जल्दबाजी, बिना दिखावे, बस एक परिपक्व टेस्ट पारी... अच्छी गेंदबाजी के सामने टिके रहना, जरूरत पड़ने पर गियर बदलना और घंटों तक क्रीज पर खड़े रहना- यह पारी बताती है कि क्यों जो रूट आज भी बड़े मौके पर सबसे भरोसेमंद नाम हैं.
यह सिर्फ एक शतक नहीं था, बल्कि उस सवाल का ताजा जवाब था, जो हर दौर में पूछा जाता है- मौजूदा समय का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट बल्लेबाज कौन?
भावनाओं को अलग रखें और अगर इस बहस को आंकड़ों की अदालत में ले जाएं, तो फैसला खुद-ब-खुद सामने आ जाता है.
मौजूदा दौर के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट बल्लेबाज की पहचान के लिए 1 जनवरी 2024 से 6 जनवरी 2026 के बीच खेले गए सभी टेस्ट मैचों को आधार बनाया गया. इस अवधि में जो रूट की बढ़त दो मोर्चों पर साफ दिखती है- रनों की निरंतरता और उन्हें बड़े स्कोर में बदलने की क्षमता.
रूट के स्टैट्स (2024-2026)
- 28 टेस्ट, 50 पारियां
- 2,521 रन
- 56.02 एवरेज
- 11 शतक
- 6 अर्धशतक
यह आंकड़े बताते हैं कि 35 साल के रूट न सिर्फ लगातार रन बना रहे हैं, बल्कि मैच तय करने वाली पारियां भी खेल रहे हैं. मौजूदा खिलाड़ियों में ऐसा संतुलित और दमदार पैकेज किसी और के पास नहीं.
दावेदार, लेकिन दूरी बनी हुई
बल्लेबाजी एवरेज देखें तो शुभमन गिल इस रेस में सबसे करीब नजर आते हैं. 1,849 रन, 54.38 का एवरेज और 8 शतक, यह फॉर्म लंबी उड़ान का संकेत देता है, लेकिन रूट की निरंतरता अभी भी आगे है.
हैरी ब्रूक रनों के अंबार में पीछे नहीं, मगर कन्वर्जन में थोड़ा अंतर है. 1,955 रन, 51.44 का एवरेज, 6 शतक और 8 अर्धशतक- रूट अपने मौकों को ज्यादा बार शतक में बदल रहे हैं.
केन विलियमसन बेहतरीन क्लास के बल्लेबाज हैं. 57.04 का एवरेज उनकी गुणवत्ता बताता है, लेकिन इस अवधि में सिर्फ 12 टेस्ट खेलने के कारण तुलना में उनकी मौजूदगी कमजोर पड़ जाती है.
यहां यशस्वी जायसवाल का जिक्र होना चाहिए. इस अवधि में उन्होंने उन्होंने 25 टेस्ट मैचों की 48 पारियों में 2,223 रन बनाए, जो रूट के बाद सबसे ज्यादा है. उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 214 रहा.. लेकिन जायसवाल का एवरेज 48.32 का ही रहा. इस वजह से रूट को चुनौती देने की स्थिति में नहीं हैं.
ट्रेविस हेड का असर अलग है. 83.27 के स्ट्राइक रेट के साथ वह मैच की दिशा पलटते हैं, लेकिन 44.11 का एवरेज उन्हें रूट की श्रेणी में नहीं लाता.
स्टीव स्मिथ, टेम्बा बावुमा और एडेन मार्करम इस समय-सीमा में नीचे ही दिखाई देते हैं.
आंकड़े साफ इशारा करते हैं- मौजूदा टेस्ट क्रिकेट में जो रूट का दावा सबसे मजबूत है. वह रन भी बना रहे हैं, उन्हें बड़े स्कोर में बदल भी रहे हैं और विदेशी हालात में भी भरोसेमंद साबित हो रहे हैं.
एससीजी पर खेली गई उनकी 160 रनों की पारी इसी हकीकत की ताजा मुहर है.जब हालात कठिन हों और टीम को संभालने वाली पारी चाहिए, तो आज के टेस्ट क्रिकेट में सबसे पहला नाम- जो रूट का सामने आता है.
विकेट की कीमत समझने वाला बल्लेबाज
न कोई हल्ला, न सितारों जैसे नखरे- जो रूट का क्रिकेट शोर से नहीं, सादगी और अनुशासन से चलता है. उनका खेल दिखावे का नहीं, बल्कि हर रन को मेहनत से गढ़ने का है. रूट अपने विकेट की कीमत बखूबी जानते हैं, इसलिए गैरजरूरी जोखिम से दूर रहते हैं और हालात के मुताबिक पारी को आकार देते हैं. गेंदबाज चाहे जितना दबाव बनाए, वह धैर्य नहीं छोड़ते और यही धैर्य उन्हें खास बनाता है. जब ऐसे बल्लेबाज क्रीज पर टिके रहते हैं, तो सिर्फ टीम नहीं संभलती—टेस्ट क्रिकेट भी जिंदा रहता है.
विश्व मोहन मिश्र