कॉन्ट्रैक्ट गया, टीम से बाहर हुए… फिर भी नहीं टूटा हौसला! ईशान किशन की वापसी पर कोच ने खोले राज

टीम इंडिया दो साल बाद एक बार फिर T20 वर्ल्ड कप का खिताब बचाने के लिए तैयार है. इस मिशन के लिए घोषित भारतीय स्क्वॉड में शुभमन गिल का बाहर होना और ईशान किशन की वापसी सबसे बड़ा सरप्राइज़ साबित हुआ. दिसंबर 2023 में ड्रॉप होने के बाद ईशान ने शिकायत की बजाय डोमेस्टिक क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन के जरिए खुद को फिर साबित किया. अब पॉडकास्ट ‘बल्लाबोल’ में उनके बचपन के कोच उत्तम मजूमदार ने ईशान के कमबैक के पीछे छिपे कई राज खोले हैं. कोच का दावा है कि इस वर्ल्ड कप में फैन्स को ‘ईशान किशन 2.0’ देखने को मिलेगा.

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ईशान किशन... लौटे सीधे वर्ल्ड कप टीम में. (Photo, Getty) ईशान किशन... लौटे सीधे वर्ल्ड कप टीम में. (Photo, Getty)

कुमार केशव / Kumar Keshav

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  • 17 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:59 PM IST

दो साल पहले टीम इंडिया ने दूसरी दफा T20 वर्ल्ड कप का ख़िताब अपने नाम किया था. घड़ी की सूइयां घूम-घूमकर हमें उस मोड़ पर ला चुकी हैं, जब बारी इस टाइटल को डिफेंड करने की है. ये ज़िम्मेदारी रखी गई है कप्तान सूर्यकुमार यादव के कंधों पर. टूर्नामेंट बिलकुल हमारे सिरहाने खड़ा है और कहना होगा कि टीम इंडिया की तैयारियां भी चाक-चौबंद हैं. वर्ल्ड कप के लिए स्क्वॉड की घोषणा पहले ही हो चुकी है. इसमें शुभमन गिल का ड्रॉप होना और ईशान किशन की वापसी सबसे अप्रत्याशित रही. 

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आसान नहीं रहा ईशान का कमबैक

ईशान किशन करीबन दो साल पहले (दिसंबर 2023 में) टीम से ड्रॉप हुए. बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से हाथ गंवा दिया था. लेकिन  2025 का दिसंबर उनके लिए ख़ुशखबरी लेकर आया और उनका चयन सीधे वर्ल्ड कप टीम में हुआ. निश्चित तौर पर डोमेस्टिक क्रिकेट में उनका सामयिक प्रदर्शन इसका आधार बना. लंबे समय तक टीम से दूर रहते हुए ईशान किशन ने बिना शिकायत किए अपने खेल और फिटनेस पर काम किया. इसका सकारात्मक परिणाम सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंट में देखने को मिला. 

SMAT 2025 फाइनल में शतक लगाकर झारखंड को उन्होंने पहली बार ये टाइटल दिलवाया. इससे पहले रणजी और फिर विजय हजारे ट्रॉफी में भी उन्होंने अपने फॉर्म को बरक़रार रखते हुए ये साबित किया कि वो टीम इंडिया के लिए भरोसेमंद विकल्प हैं. बल्लेबाज़ी में निरंतरता से वो लगातार चयनकर्ताओं का ध्यान खींच रहे थे. पर इतने सघन कॉम्पीटीशन में ये कमबैक उनके लिए कतई आसान नहीं था. 

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ईशान किशन 2.0

ईशान किशन के बचपन के कोच उत्तम मजूमदार ने पॉडकास्ट 'बल्लाबोल' में बताया कि दो सालों में ईशान किशन ने कैसे 'रीस्टार्ट' किया. वे इस दौरान बुची बाबू टूर्नामेंट से लेकर डीवाई पाटिल लीग, काउंटी लीग, रणजी ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, ईरानी कप, दलीप ट्रॉफी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे. इस दौरान उनका झुकाव ध्यान और अध्यात्म की तरफ भी रहा. गीता के श्लोकों ने उन्हें कर्म करते रहने के लिए प्रेरित किया और वो अब अलग ईशान किशन नजर आ रहे हैं.   

पहली मुलाक़ात में इंडिया खेलने की भविष्यवाणी

ईशान किशन के करियर को देखा जाए तो ये केवल प्रतिभा की कहानी नहीं है, बल्कि सही समय पर मिले सही मार्गदर्शन की मिसाल भी है. ईशान की इस यात्रा में उनके शुरुआती कोच उत्तम मजूमदार की भूमिका बेहद अहम रही. कोच मजूमदार बताते हैं कि क्रिकेटर के पिता प्रणव पांडे पहली बार जब अपने बेटे को उनसे मिलवाने आये तो उसी दिन ये एहसास हो गया था कि ईशान लंबी रेस के घोड़े हैं.

ग्रेटर नोएडा में एक क्रिकेट एकडेमी चला रहे कोच मजूमदार पटना में हुई इस पहली मुलाक़ात को याद करते हैं. उन्होंने कहा कि कच्ची उम्र में ईशान को परखने के लिए पहली बार जब वो नेट्स में ले गए और तो ईशान ने दो-तीन शानदार कवर ड्राइव जड़ दिए. एक होनहार और प्रतिभावान शागिर्द पाकर कोच ने मन ही मन ईश्वर का धन्यवाद किया और उसी दिन ईशान के पिता को कह दिया कि ये बच्चा इंडिया खेलेगा.

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कोच की सलाह बना टर्निंग पॉइंट

कोच मजूमदार गर्व के साथ बताते हैं कि पटना के मोइनुल हक़ स्टेडियम में ट्रेनिंग करते हुए ईशान को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो जाती थी. कालांतर में उनकी ही सलाह पर ईशान को पटना से रांची शिफ़्ट किया गया, जहां उन्होंने अपनी क्रिकेटिंग स्किल को निखारा. ये निर्णय एक तरह से ईशान के करियर का टर्निंग पॉइंट बना. रांची में रहते हुए उन्हें बेहतर माहौल और सुविधाएं मिलीं. अपनी प्रतिभा और प्रदर्शन के दम पर ईशान ने जूनियर क्रिकेट में धाक जमाई और इंडिया की अंडर-19 टीम के कप्तान बने. फिर सीनियर टीम का हिस्सा बनकर उन्होंने अपने कोच की भविष्यवाणी को सही भी साबित किया.

... जब लहूलुहान ईशान मुस्करा रहे थे

ईशान किशन उस बिहार से आते हैं जहां क्रिकेट का इंफ्रास्ट्रक्चर आज भी बहुत अच्छा नहीं है. लेकिन छोटे क़द के ईशान का आत्मविश्वास, आक्रामक बल्लेबाज़ी और निडर सोच उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती थी. ईशान किशन U-14 दिनों की एक घटना को याद करते हुए कोच ने बताया कि एक मैच खेलते हुए बॉल उनकी नाक पर लगी. अस्पताल ले जाते हुए कोच के कपड़े लहूलुहान हो गए. एक तरफ ईशान को टांके लग रहे थे, दूसरी तरफ वो मुस्करा रहे थे. इतना ही नहीं, पांच-सात स्टिच लगने के बाद भी ईशान दोबारा बैटिंग करने के लिए उतावले हो रहे थे. 

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टी20 वर्ल्ड कप में बड़ी होगी भूमिका

पॉडकास्ट में कोच उत्तम मजूमदार ने ईशान किशन से जुड़े ऐसे ही कई क़िस्से सुनाए. उन्होंने कहा कि इसी हौसले, पॉजिटिव अप्रोच और जुझारूपन की बदौलत ईशान किशन एक बार फिर टीम इंडिया में वापस आए हैं. ICC टी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम जब खिताब बचाने के लिए उतरेगी तो ईशान किशन पर भी सबकी नज़र होगी. कोच मजूमदार का मानना है कि अगर तिलक वर्मा चोट के चलते वर्ल्ड कप को मिस करते हैं तो ईशान प्लेइंग 11 में नज़र आएंगे और शायद ओपन भी करते दिखें.  

वर्ल्ड कप से ठीक पहले न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज एक ड्रेस रिहर्सल जैसी होगी. इसमें टीम अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने की सोच रही होगी. टीम मैनेजमेंट ईशान किशन को इस सीरीज में जरूर आजमाना चाहेगा. 2024 वर्ल्ड कप के बाद लगातार 8 टी20 सीरीज/'टूर्नामेंट (एशिया कप भी शामिल) में भारत विजयी रहा है. नौवीं सीरीज न्यूजीलैंड के साथ है. क्या वर्ल्ड कप टाइटल डिफेंड कर टीम इंडिया इसे परफेक्ट 10 में तब्दील कर पाएगी?

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