इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026) से जुड़ा एक बड़ा नियम सामने आया है, जो मैच के दौरान गेंद बदलने को लेकर है. अब खासतौर पर दूसरी पारी में गेंदबाजी करने वाली टीम को एक अतिरिक्त फायदा मिलेगा.
नियम के मुताबिक, अगर खेल के दौरान गेंद खो जाती है, मिल नहीं पाती या अंपायर को लगता है कि वह अब खेलने लायक नहीं रही, तो उसे बदला जाएगा. लेकिन नई गेंद बिल्कुल नई नहीं होगी, बल्कि वही हालत (wear & tear) वाली होगी जैसी पुरानी गेंद की थी.गेंद बदलने पर अंपायर बल्लेबाज और फील्डिंग कप्तान दोनों को इसकी जानकारी देंगे.
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क्रिकबज की खबर के मुताबिक- सबसे बड़ा बदलाव यह है कि दूसरी पारी में गेंदबाजी करने वाली टीम का कप्तान अब 10 ओवर पूरे होने के बाद एक बार गेंद बदलने की मांग कर सकता है. यह नियम खासतौर पर शाम के मैचों के लिए लागू होगा और इसमें यह नहीं देखा जाएगा कि ड्यू (ओस) है या नहीं है, कुल मिलाकर इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा.
हालांकि, यह मांग केवल एक बार ही की जा सकती है और इसे ओवर के खत्म होने के बाद ही रखा जा सकता है, ओवर के बीच में नहीं. अंपायर इस स्थिति में गेंद को उसी तरह की दूसरी गेंद से बदलेंगे, जिसमें समान घिसावट हो.
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इसके अलावा, अंपायरों के पास पहले से ही यह अधिकार है कि वे मैच के दौरान किसी भी समय अपने विवेक से गेंद बदल सकते हैं. इस नए नियम से खासकर दूसरी पारी में गेंदबाजी करने वाली टीमों को मदद मिल सकती है, जहां अक्सर ओस की वजह से गेंद पकड़ना मुश्किल हो जाता है.
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