U-19 World Cup: सेमीफाइनल में आज भारत का सामना अफगानिस्तान से, वैभव सूर्यवंशी पर रहेगी नजर

आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत का सामना अफगानिस्तान से होगा. अब तक अजेय रही भारतीय टीम छठे खिताब की ओर कदम बढ़ाना चाहेगी. मजबूत बल्लेबाजी, धारदार गेंदबाजी और अनुभव भारत को बढ़त दिलाता है, जबकि अफगानिस्तान उलटफेर की उम्मीद के साथ उतरेगा.

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अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत की टक्कर अफगानिस्तान से (Photo: ITG) अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत की टक्कर अफगानिस्तान से (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:03 AM IST

भारत इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है, जिसने अब तक पांच बार खिताब अपने नाम किया है- 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में भारतीय टीम चैम्पियन बनी थी. अब टीम इंडिया की नजर रिकॉर्ड छठे खिताब की ओर बढ़ने पर टिकी है और सेमीफाइनल में जीत इस दिशा में एक और मजबूत कदम होगी.

भारत का अब तक का सफर

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भारतीय टीम का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में बेहद संतुलित और दमदार रहा है. ग्रुप स्टेज से लेकर सुपर सिक्स तक भारत ने अपने सभी पांच मुकाबले जीते हैं. खास तौर पर सुपर सिक्स चरण में पाकिस्तान के खिलाफ मिली 58 रन की जीत ने टीम का आत्मविश्वास और बढ़ा दिया.

बल्लेबाजी और गेंदबाजी. दोनों ही विभागों में भारत ने विपक्षी टीमों पर दबदबा बनाया है, जो उसे नॉकआउट मुकाबले में बढ़त दिलाता है.

अफगानिस्तान का ऐसा रहा है प्रदर्शन

अफगानिस्तान का अभियान भी सराहनीय रहा है. टीम ने अपने पांच में से चार मुकाबले जीते हैं. उसकी एकमात्र हार श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट से हुई थी. अफगान टीम ने जुझारूपन दिखाया है और वह भारत को हल्के में लेने की गलती नहीं करेगा.

हालांकि अनुभव, गहराई और संयोजन के लिहाज से भारत का पलड़ा भारी नजर आता है.

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भारतीय बल्लेबाजी की ताकत

विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रहे हैं. उन्होंने पांच मैचों में 199 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज से सेमीफाइनल में भी बड़ी पारी की उम्मीद होगी.

ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने भी शानदार शुरुआत दिलाई है. पांच मैचों में 196 रन और दो अर्धशतक उनके नाम हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट चाहेगा कि वह इस बार बड़ी पारी में बदलें.

ऑलराउंडर विहान मल्होत्रा भारत के लिए एक्स-फैक्टर साबित हुए हैं. उन्होंने 172 रन बनाए हैं और ग्रुप स्टेज में जिम्बाब्वे के खिलाफ टूर्नामेंट का अब तक का इकलौता शतक (109 नाबाद) जड़ा था.

क्या होगा निर्णायक फैक्टर?

अगर भारत की टॉप-ऑर्डर मजबूत शुरुआत देती है और गेंदबाज शुरुआती विकेट निकालने में सफल रहते हैं, तो अफगानिस्तान के लिए मुकाबला बेहद मुश्किल हो सकता है. वहीं अफगान टीम के लिए चमत्कारी प्रदर्शन ही फाइनल का रास्ता खोल सकता है.
 

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