ड्वेन ब्रावो ने 2011 से 2022 तक चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए खेला. वह टीम के पांच में से चार खिताबी अभियानों का हिस्सा रहे और आज भी फ्रेंचाइज़ी के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की बाकी टीमों से कई मायनों में आगे है. संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा खिताब, सबसे ज्यादा फाइनल, सबसे ज्यादा प्लेऑफ और सबसे बेहतर जीत प्रतिशत. आखिर CSK ऐसा कैसे करती है? इसका जवाब ड्वेन ब्रावो के पास है. वेस्टइंडीज के इस ऑलराउंडर ने आईपीएल और सीएसके दोनों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है.
ब्रावो ने बताई सीएसके की तीन खूबी
मौजूदा समय में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के मेंटर ड्वेन ब्रावो ने बताया कि एमएस धोनी की गेम अवेयरनेस ही सबसे बड़ा गेम-चेंजर है. भारत और आईपीएल के सबसे महान कप्तानों में गिने जाने वाले धोनी को लेकर ब्रावो ने 2018 सीज़न का एक किस्सा साझा किया, जब विकेटकीपर ने उन्हें डांट लगाई थी.
अपने करियर के आखिरी दौर में होने के बावजूद ब्रावो उस समय भी बेहतरीन फील्डरों में गिने जाते थे. वह टीम के लिए पूरी जान लगा देते थे. लेकिन धोनी ऐसा नहीं चाहते थे. धोनी ने ब्रावो को समझाया कि कुछ रन बचाने के चक्कर में अगर वह चोटिल हो जाते हैं, तो इससे टीम को ज़्यादा नुकसान होगा.
एक पॉडकास्ट में ब्रावो ने कहा कि धोनी ने मुझसे कहा कि कभी डाइव न लगाना. उन्होंने कहा कि तुम्हारे चार ओवर चार रन बचाने से कहीं ज़्यादा अहम हैं.
वो प्लेयर्स पर भरोसा करते हैं
ब्रावो ने कहा, '2011 में सीएसके के लिए अपने पहले ही मैच में उन्होंने मुझसे फील्डिंग के बारे में पूछा. मैंने उन्हें बताया कि मुझे क्या चाहिए और उसके बाद उन्होंने कभी मुझे फील्ड प्लेसमेंट को लेकर कुछ नहीं कहा. मुझे लगा कि वह मुझ पर पूरी तरह भरोसा करते हैं. इसके बाद हम एक-दूसरे को अलग-अलग मां का भाई कहने लगे. उन्होंने मुझे बस मैं जैसा हूं, वैसा ही रहने दिया.'
ये रही धोनी की तीसरी खूबी
ब्रावो ने एमएस धोनी और लंबे समय तक सीएसके के हेड कोच रहे स्टीफन फ्लेमिंग द्वारा बनाए गए सकारात्मक माहौल की भी तारीफ की. यह जोड़ी बेहद व्यावहारिक थी. एक अच्छे या बुरे मैच के बाद वे तुरंत किसी नतीजे पर नहीं पहुंचते थे. न जरूरत से ज्यादा डांट, न ही बेवजह तारीफ.
यही उनकी सफलता की पहचान थी. ब्रावो ने कहा कि वे जजमेंटल नहीं हैं. खिलाड़ी अच्छा खेले या बुरा, उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आता. वे खिलाड़ियों के साथ हमेशा एक जैसा बर्ताव करते हैं. यही उस फ्रेंचाइज़ी की सबसे बड़ी खासियत है.
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