KL Rahul: मुश्किल पिच पर ऐसी बैटिंग! केएल राहुल की स्लो बैटिंग की आलोचना पर भड़के आकाश चोपड़ा

टीम इंडिया के उप-कप्तान केएल राहुल एक बार फिर स्लो स्ट्राइक रेट की वजह से निशाने पर आए हैं. साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले मैच में उन्होंने 56 बॉल में 51 रन बनाए, लेकिन यह एक मुश्किल पिच थी. ऐसे में कई दिग्गज केएल राहुल के बचाव में भी आए हैं.

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KL Rahul (Getty) KL Rahul (Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 4:43 PM IST

तिरुवनन्तपुरम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए पहले टी-20 मैच में टीम इंडिया ने 8 विकेट से जीत दर्ज की. साउथ अफ्रीका ने पहले बैटिंग करते हुए 106 रनों का स्कोर बनाया, जवाब में टीम इंडिया ने 2 विकेट खोकर 20 बॉल शेष रहते हुए इस मैच में जीत दर्ज की. उप-कप्तान केएल राहुल ने इस मैच में 51 रनों की पारी खेली, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 100 से कम था. 

कई एक्सपर्ट्स और फैन्स ने सोशल मीडिया पर केएल राहुल के स्लो स्ट्राइक रेट की एक बार फिर आलोचना की, लेकिन तिरुवनन्तपुरम की मुश्किल पिच को देखते हुए कई पूर्व क्रिकेटर केएल राहुल के बचाव में भी आए. आकाश चोपड़ा ने खुलकर केएल राहुल का समर्थन किया और उनकी जमकर तारीफ भी की. 

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आकाश चोपड़ा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि बीती रात केएल राहुल की धीमी बल्लेबाजी की आलोचना करना बेहद गलत रहा, एक कारण रहा कि सामने वाली टीम 20 ओवर में सिर्फ 106 रन ही बना पाई और आपकी टीम भी कम स्कोर पर ही 2 विकेट गंवा चुकी थी. केएल राहुल द्वारा खेला गया वह एक टॉप नॉक था, उन्होंने वहां संघर्ष करने की कोशिश की. बहुत बढ़िया खेले. 

क्रिकेट एक्सपर्ट अयाज़ मेनन ने भी लिखा कि केएल राहुल की बल्लेबाजी की आलोचना करना बेहद गलत है. बल्लेबाज का पहला काम अपनी टीम की जीत को सुनिश्चित करना है, ना कि किसी को अपने स्ट्राइक रेट से इम्प्रेस करना.

आपको बता दें कि केएल राहुल ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टी-20 मैच में 56 बॉल में 51 रनों की पारी खेली. इसमें 2 चौके और 4 छक्के शामिल रहे. एक तरफ केएल राहुल मैदान पर संघर्ष कर रहे थे, तो दूसरी ओर सूर्यकुमार यादव ने यहां ताबड़तोड़ पारी खेल डाली. सूर्या ने सिर्फ 33 बॉल में 50 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 3 छक्के शामिल रहे. 

केएल राहुल ने खुद मैच के बाद कहा था कि यह सबसे मुश्किल पिचों में एक थी, जहां उन्होंने बैटिंग की और स्कोर किया. सूर्यकुमार यादव तो अलग ही जोन में चल रहे थे, लेकिन उनके लिए बैटिंग करना मुश्किल था. जब सूर्या ने रन बरसाए तो वह खुद को वक्त दे पाए और अंत में टच में आ सके. 
 

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