क्या महाराष्ट्र में एनसीपी की उपमुख्यमंत्री बनने के बाद राजनीति स्थिर होगी या फिर अभी भी कुछ चुनौतियां बाकी हैं. कई लोगों का कहना है कि ये फैसले जल्दबाजी में लिए गए हैं. महाराष्ट्र में शोक की आधिकारिक अवधि तीन दिन की थी, लेकिन नए उपमुख्यमंत्री केशव के शपथ ग्रहण के बाद यह अवधि पूरी होने से पहले ही समाप्त हो गई. इस बीच सुनेत्रा वहिनी पर हुए कुछ निर्णयों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.