कुछ ही महीनों में बंगाल और असम में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों की गूंज पहले ही सुनाई देने लगी है. लखनऊ में गृहमंत्री अमित शाह ने दो हज़ार सत्ताईस के लिए चुनावी युद्ध की घोषणा की है. यूपी के सतहत्तरवें स्थापना दिवस पर अमित शाह ने साफ कर दिया कि बीजेपी अगले विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से उतरेगी. उन्होंने समाजवादी पार्टी, बीएसपी और कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाया और कहा कि यूपी की जनता ऐसे पार्टियों को नकार देगी. अमित शाह ने बीजेपी की वापसी का दावा किया है, जबकि राजनीति में हर दावे के साथ सवाल भी उठते हैं. समाजवादी पार्टी मिशन 2027 की तैयारियों में लगी हुई है, अखिलेश यादव ने संगठन, गठबंधन और रणनीति पर फोकस बढ़ाया है. बीएसपी अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में है और कांग्रेस सरकार से जुड़े मुद्दों पर हमलावर है. यूपी की राजनीति अब सिर्फ कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रही, हर मंच, बयान और तस्वीर 2027 के चुनाव की ओर इशारा कर रहे हैं. सवाल यह है कि यह चुनाव विकास पर होगा या परिवारवाद पर, और क्या जनता योगी मॉडल को स्वीकार करेगी या नहीं. लगभग एक साल बचा है जब यूपी चुनाव का काउंटडाउन शुरू होगा.