बजरंग बली के नाम पर चुनाव के दौरान कर्नाटक की राजनीति में तूफान आ गया है. इसकी शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में वादा किया कि अगर पार्टी सत्ता में आती है तो समाज में नफरत फैलाने वाले संगठन बजरंग दल और पीएफआई को बैन किया जाएगा.