मोजतबा खामेनेई को ईरान में सेकंड क्रशर कहा जाता है क्योंकि उन्होंने कई बड़े रिवॉल्ट और प्रोटेस्ट को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. ईरान और इराक के दौरान उन्हें विशेष ट्रेनिंग भी मिली है. उनकी रणनीतियां और फैसले आईआरजीसी के लिए बेहद जरूरी हैं. ईरान के हितों को देखते हुए उन्हें एक अहम लीडर माना जाता है.