पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में बात करते हुए स्वामी सदानंद सरस्वती ने खुलकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का समर्थन किया. उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोपों को पूरी तरह झूठा बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया.