रामदास अठावले का कहना है कि महाराष्ट्र में अचानक हुए अजित पवार के निधन से न केवल राजनीति बल्कि पूरी जनता को गहरा झटका लगा है. अजित दादा एक संघर्षशील और कुशल नेता थे जिन्होंने विकास के लिए महायुती का हिस्सा बनकर महत्वपूर्ण योगदान दिया.