राघव चड्ढा ने 'आप' का साथ छोड़ दिया है, लेकिन राजनीति में आने से पहले उनकी पहचान एक प्रतिभाशाली सीए की थी. लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़े राघव ने डेलॉयट जैसी कंपनियों में काम किया. 2013 में वे केजरीवाल की टीम से जुड़े और जनलोकपाल बिल से लेकर पार्टी के घोषणापत्र तक में अहम भूमिका निभाई. कभी 'आप' के कोषाध्यक्ष रहे राघव अब भाजपा के साथ अपनी नई राजनीतिक राह चुन चुके हैं