पंडित जी ने बताया कि इस वर्ष के पहले ग्रहण के पहले राजनीतिक और प्राकृतिक आपदाओं के होने की संभावना है. ग्रहण के समय कई ग्रहों का कुम्भ राशि में जमघट होगा, जिसमें सूर्य, बुध, शुक्र, राहू और चंद्रमा शामिल हैं. महाभारत काल में दो ग्रहणों के साथ अशुभ घटनाएं हुई थीं, इसलिए विद्वान इस बार भी इसी तरह की परिस्थितियों की बात कर रहे हैं.