इस आयोजन की टाइमिंग खास अहमियत रखती है क्योंकि ठीक एक दिन पहले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान के मुद्दे पर डेप्युटी मुख्यमंत्री पाठक ने एक सख्त और स्पष्ट रुख अपनाया. उनके इस दो टूक बयान का समर्थन खुद अ मुक्तेश्वर आनंद की तरफ से भी मिला है. यह स्थिति बताते हुए कि धार्मिक सम्मान और गरिमा की रक्षा जरूरी है, इस मुद्दे पर डेप्युटी सीएम का कठोर स्टैंड एक महत्वपूर्ण संदेश देता है.