राजनीति में अक्सर भाई-भतीजावाद के आरोप लगते हैं, लेकिन गुजरात के मेहसाणा से एक ऐसी खबर आई है जो लोकतंत्र की असल ताकत को दिखाती है. महेसाणा भाजपा ने एक मिसाल पेश करते हुए अपने कार्यालय में पिछले 28 सालों से चपरासी का काम करने वाले एक निष्ठावान कार्यकर्ता को चुनावी मैदान में उतारा है.