शादी और रिश्तों को लेकर बढ़ता सामाजिक दबाव अब युवाओं की मानसिक सेहत पर गंभीर असर डाल रहा है. एनसीआरबी के आंकड़ों ने इस चिंता को और गहरा कर दिया है, जहां शादी तय न होने या रिश्ते टूटने के बाद कई युवाओं ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया. विशेषज्ञ मानते हैं कि समाज में शादी को सफलता का पैमाना मानने की सोच कई लोगों को भीतर से तोड़ रही है. मनोवैज्ञानिक परिवारों से दबाव नहीं, बल्कि भावनात्मक सहारा देने की अपील कर रहे हैं.