यह वीडियो बताता है कि सीआरपीएफ इस तरह की यातना नहीं दे सकता और राज्य पुलिस बूथों पर मौजूद नहीं थी. वीडियो में बताया गया है कि बूथों पर कोई भी राज्य पुलिस नहीं थी इसलिए इस तरह की शिकायतें गलत हैं. वीडियो का मकसद सच्चाई सामने लाना और गलतफहमी को दूर करना है.