मॉस्को उन सभी भारतीय युवकों को वापस भेजेगा, जो धोखे से रूसी सेना का हिस्सा बना दिए गए. साथ ही मारे गए सैनिकों के परिवार को मुआवजा और रूसी नागरिकता भी देगा. ये फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया रूस यात्रा के बाद लिया गया.