चुनावों में लोगों का ईवीएम को लेकर रवैया हमेशा से एक जैसा रहा है. जब उनका पक्ष जीतता है तो वे ईवीएम को सही मानते हैं, लेकिन जब हारते हैं और विपक्ष जीतता है तो वे अक्सर ईवीएम को लेकर सवाल उठाते हैं. यह एक आम मानवीय प्रवृत्ति है जो हर चुनाव में देखने को मिलती है. ऐसे में ईवीएम की विश्वसनीयता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर चर्चा जारी रहती है.