कंगना रनौत ने राहुल गांधी के भारत-चीन बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि अगर किताब सच में प्रामाणिक होती तो संबंधित पक्ष कोर्ट से प्रमाण प्रस्तुत करते. इस बात पर जोर दिया गया कि प्रमाणित न होने वाली चीज को कोर्ट के सामने रखना गलत है और इसे एक गंभीर अपराध माना जाता है.