अली निकजाद ने स्पष्ट किया है कि ईरान ब्लैकमेलर नहीं है लेकिन वह ब्लैकमेल को सहन करने के लिए तैयार है. उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि दबाव के दौर में वार्ताएं विफल हो जाती हैं. निकजाद ने होरमूज जलसंधि को ईरान की रणनीतिक ताकत बताते हुए इसके महत्व को रेखांकित किया.