अगर ईरान पर हमला होता है तो वह सऊदी अरब पर जवाबी हमला करेगा. उनकी हित सूची स्पष्ट है. यदि ईरान के किसी भी तेल कुएं को निशाना बनाया जाता है, तो सऊदी अरब की किसी तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया जाएगा. इसके साथ ही दुश्मनों के खिलाफ तत्काल जवाबी कार्रवाई की जाएगी.