दिल्ली ने महाराष्ट्र की दो प्रमुख पार्टियों को तोड़ने में अहम भूमिका निभाई है. यदि कोई पार्टी एक जगह से दूसरी जगह चली जाती है तो वह पार्टी बिहार में टूटती नहीं है. इसी तरह ओवैसी की पार्टी के अंदर भी काफी उथल-पुथल हुई है, जिसके चलते पार्टी का कायाकल्प हुआ .