गुजरात में 33 साल बाद बाघों की स्थायी वापसी की संभावना जताई जा रही है. इसको लेकर वन विभाग अलर्ट हो गया है. पंचमहल जिले में स्थित धनपुरी इको टूरिज्म सेंटर में वन विभाग ने बाघ के संरक्षण और निगरानी को लेकर स्पेशल ट्रेनिंग शुरू की है. दाहोद के रतन महाल जंगलों में पिछले एक साल से बाघ की मौजूदगी देखी जा रही है.