सोने-चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट ने निवेशकों को सोचने पर मजबूर किया है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, चरणबद्ध निवेश और लंबी अवधि का नजरिया अपनाना बेहतर है. पोर्टफोलियो में 15-20% हिस्सा सोना-चांदी रखने से जोखिम संतुलित किया जा सकता है और महंगाई से बचाव में मदद मिलती है.