98 दिन चले ASI सर्वे में भोजशाला परिसर से मिले कमल, घंटियां, संस्कृत श्लोक, देवी-देवताओं की आकृतियां और यज्ञकुंड जैसे प्रमाणों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अहम माना. अदालत ने इन्हीं आधारों पर परिसर को मंदिर स्वरूप वाला स्थल मानते हुए पुराने आदेश को रद्द कर दिया और पूजा अधिकारों पर लगी रोक हटाने का निर्णय सुनाया.