अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ झूसी पुलिस स्टेशन में यौन शोषण के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा अग्रिम जमानत के लिए खटखटाया था. हाई कोर्ट ने मार्च के तीसरे हफ्ते तक इस मामले में सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रखा है. यह मामला केजरीवाल के मामले के साथ चर्चा में है. न्यायपालिका द्वारा मामले को गंभीरता से देखे जाने के कारण यह फैसला संतुलित होगा.